शिवसैनिकों पर एट्रॉसिटी एक्ट के तहत दर्ज अपराध रद्द करें

विधेयक रवि राणा पर झूठा केस दर्ज करवाने का आरोप

Anandrao and Ravi

अमरावती : युवा स्वाभिमान कार्यालय पर हुए हमले में विधायक रवि राणा के तथाकथित दबाव में शिव सैनिकों पर बडनेरा पुलिस ने एट्रॉसिटी एक्ट के तहत अपराध दर्ज करवाने का आरोप लगाते हुए सांसद आनंदराव अड़सुल ने लगाया है. शिव सैनिकों पर लगाया गया गलत यह धारा हटाने की मांग के लिए बुधवार को सांसद आनंदराव अड़सुल के नेतृत्व में पुलिस आयुक्त को ज्ञापन सौंपा गया.

तत्पश्चात सांसद आनंदराव अडसुल ने सर्किट हाऊस में प्रेस कॉन्फ्रेंस में इस मामले में शिव सैनिकों पर किए गए अन्याय करने का आरोप लगाया.

उन्होंने बताया कि 25 दिसंबर को नरखेड़ रेल्वे लाईन के पुल का मुआयना करने पर साईट रेल्वे इंजीनियर कन्स्ट्रक्शन उदापुरे से मैंने एक किलोमीटर के रेल्वे पुल के लिए अंतिम चरण में व ट्रायल बेसीसी पर एक बाजू में यातायात शुरू करने की अनुमति देने का आग्रह किया था. इसके लिए उन्होंने मुझे बुलाया गया था.

उक्त जानकारी बडनेरा विधायक रवि राणा को मिलते ही मेरे पहुंचने के पूर्व ही वहां पहुंच कर राणा ने अधूरे पुल का आननफानन में लोकार्पण कर दिया और विवाद भी किया. साथ ही पत्रकार परिषद आयोजित कर शिवसेना पार्टी के पदाधिकारियों को चेतावनी भी दे डाली. इसका निषेध करने के लिए बडनेरा के स्थानीय युवा सेना पदाधिकारी बडनेरा के युवा स्वाभिमान कार्यालय के निकट पहुंचे ही थे कि उसी समय युवा स्वाभिमान के कार्यकर्ताओं ने उनके साथ विवाद किया. अड़सुल ने कहा कि इसके बाद विधायक रवि राणा ने उनके कार्यालय की एक महिला कर्मचारी पुष्पा चौकीकर (32, बौद्ध) को, जिससे युवा सेना के कार्यकर्ताओं ने कोई बात भी नहीं की थी, उस महिला से विधायण राणा ने शिवसैनिकों पर इस एट्रोसिटी एक्ट का झूठा अपराध दर्ज करवा दिया.

पुलिस आयुक्त को ज्ञापन सौंपते वक्त सांसद आनंद अड़सुल के साथ जिला प्रमुख संजय बंड, जिला प्रमुख राकेश वानखड़े, प्रशांत वानखड़े, महानगर प्रमुख सुनील खराटे, महिला आघाड़ी की मनीषा टेंभरे, वर्षा भोयर, शोभा लोखंडे आदि उपस्थित थे.