यूपीए ने 10 साल सत्ता में क्या किया?: अरुण जेटली

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नई दिल्ली : सरकार के अंतरिम बजट पर कांग्रेस द्वारा इसे चुनावी बजट बताने पर अरुण जेटली ने कांग्रेस पर निशान साधा है. उन्होंने कहा “यूपीए ने अपने 10 साल सत्ता में क्या किया? 70,000 करोड़ की एक बार की कर्जमाफी. केवल 52000 करोड़ रुपए माफ किए गए और सीएजी की रिपोर्ट थी कि 52000 करोड़ रुपए में से एक महत्वपूर्ण हिस्सा व्यापारियों के खाते में गया और किसानों को नहीं मिला.”

उन्होंने कहा ‘अब देखिए कि हम क्या कर रहे हैं. ग्रामीण सड़कें- 91% पूरी, ग्रामीण आवास- 2022 में सभी के पास छत होगी, ग्रामीण क्षेत्रों में 98.7% लोगों के आस-पास अब स्वच्छता मौजूद है, प्रत्येक इच्छुक घर में बिजली है.’

2 हेक्टेयर भूमि वाले किसानों को हर 6000 रुपए दिए जाने की विपक्ष ने आलोचना की. जिसको लेकर अरुण जेटली ने कहा ‘कृपया किसानों के लिए आज मगरमच्छ के आंसू न बहाएं. विपक्ष ने भी कई बार सरकार बनाई है. मुझे यकीन है कि दूसरी सरकारें भी इस पर विचार करेंगे.’ उन्होंने कहा ‘केंद्र और राज्य दोनों को सहयोग करना चाहिए. यह एक बड़ी राशि है. अब हम 52000 करोड़ रुपए की एकमुश्त ऋण माफी के खिलाफ हैं. यह पहले साल में ही 75000 करोड़ रुपए है. मुझे यकीन है कि भविष्य के सालों में इसका विस्तार होगा.’

अरुण जेटली ने कहा ‘2009 के अंतरिम बजट में प्रणब मुखर्जी ने उत्पाद शुल्क 2% घटा दिया था. तब भी ऐसा कहा जा रहा था.’ उन्होंने कहा ‘2014 में पी चिदंबरम ने इंजीनियरिंग उत्पादों और ऑटोमोबाइल सहित कई उत्पादों पर शुल्क में छूट दी. अब वही तर्क लिया जा सकता है. बजट किसी भी संसदीय लोकतंत्र का अनिवार्य हिस्सा होते हैं.’

गौरतलब है कि अरुण जेटली इलाज के लिए देश से बाहर है. इस कारण वो बजट पेश करने के दौरान मौजूद नहीं हो सके. कार्यवाहक वित्त मंत्री पीयूष गोयल ने देश का अंतरिम बजट पेश किया.