मराठवाड़ा में मनरेगा के अंतर्गत कामों को अब प्रांत अधिकारी स्तर पर मंजूरी: मंत्री जयकुमार रावल

Min Jaykumar Rawal Meeting 3

मुंबई: मराठवाड़ा में सूखे की पृष्ठभूमि पर महात्मा गाँधी राष्ट्रीय रोजगार गारेंटी योजना (मनरेगा) के अंतर्गत होने वाले काम सीधे प्रांत अधिकारी स्तर पर मंजूर किए जाएंगे. काम को मंजूरी देने के लिए लगने वाला समय बर्बाद होने से बचाने के लिए तथा लोगों को तत्काल रोजगार मुहैया कराने के उद्देश्य से रोजगार गारंटी योजना मंत्री जयकुमार रावल की सूचना के अनुसार रोजगार गारंटी योजना विभाग ने आज उक्त निर्णय लिया.

आगामी समय में मराठवाड़ा में मनरेगा के काम के प्रस्ताव स्थानीय समिति, जिलाधीश, जिला परिषद के मुख्य कार्यकारी अधिकारी के पास ना भेजते हुए उसपर तहसीलदार, गुट विकास अधिकारी (बीडीओ) तथा प्रांत अधिकारी स्तर पर निर्णय लिया जाएगा. इन कामों को १४ दिनों के भीतर मंजूरी देने के निर्देश दिए गए हैं. सूखे की स्थिति के कारण रोजगार गारंटी योजना मंत्री जयकुमार रावल की उपस्थिति में आज मंत्रालय में एक बैठक आयोजित की गई. इस समय विभाग के सचिव एकनाथ डवले, उप सचिव प्रमोद शिंदे तथा अन्य वरिष्ठ अधिकारी इस बैठक में उपस्थित थे.

सूखे की पृष्ठभूमि पर मनरेगा के लिए 300 करोड़ रुपयों का निधि दी गई है. इसमें से ₹80 करोड़ कुओं के लिए निधि के रूप में वितरित किए जाने है. 14 वे वित्त आयोग की तुलना अभिसारण रूपरेखा से की गई, तो रोल मॉडल निर्मित किया जा सकता है. न्यूनतम, एक काम अभिसरण रूपरेखा के अंतर्गत किए जाने की सूचना संबंधितों को दी गई है. सूखा की स्थिति की समीक्षा, कामों का वितरण, मजदूरों के उपस्थिति को बढ़ाने के लक्ष्य समक्ष रखे गए हैं. लेबर अटेंडेंस 3 लाख 43 हजार 360 पर पहुंच गई है. इस संख्या को 6 से 7 लाख तक पहुँचाने का लक्ष्य है. यह निर्देश मंत्री रावल ने आज की बैठक में दिए. ‘पालकमंत्री शेत पानंद योजना’ के लिए इस वर्ष 100 करोड़ रुपये की निधि मंजूर की गई है. हर जिले में डेढ़ करोड़ के अनुसार, 34 जिलों के लिए 51 करोड रुपए वितरित किए गए हैं. मनरेगा के तहत अभिसारण रूपरेखा अर्थात कन्वर्जंस स्कीम के तहत 28 काम मंजूर किए जा सकते हैं, यह आदेश भी आज दिए गए. इसका लाभ ग्राम पंचायतों को लेना का आह्वान करते हुए आश्वस्त किया गया कि इसके लिए शीघ्र ही राज्य के जिलाधीश ओं की वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग ली जाएगी.