मुंबई के पुलों की दीर्घकालिक आयु के लिए अत्याधुनिक निर्माण तकनीकी का उपयोग करें- फडणवीस

मुंबई के पुलों के संदर्भ में मुख्यमंत्री ने लिया जायजा

fadnavis

मुंबई : मुंबई में निर्माण किए जानेवाले पैदल, यातायात और रेलवे के पुलों की आयु दीर्घकालिक हो इसके लिए मुंबई महापालिका, रेल प्रशासन द्वारा अत्याधुनिक निर्माण तकनीकी का उपयोग किया जाए. वर्तमान में जिन क्षेत्रों के पुल, रास्ते यातायात के लिए बंद कर दिए गए है, उनके संदर्भ में और पर्यायी मार्ग के बारे में जानकारी देने के लिए मोबाईल ॲप तैयार करने की सूचना मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने आज यहाँ दी.

वर्षा निवासस्थान पर मुंबई के धोकादायक पुलों के काम के संदर्भ में जायजा लेने के लिए बैठक का आयोजन किया गया. इस समय सांसद गोपाल शेट्टी, विधायक आशीष शेलार, राज पुरोहीत, अमीत साटम, मुंबई महापालिका आयुक्त प्रविण परदेशी आदि उपस्थित थे.

विभिन्न प्रशासकीय यंत्रणाओं के मार्फ़त मुंबई के नागरिकों की सुविधाओं के लिए पैदल पुलों का काम किया जाता है. ऐसे समय में यह पुल 30 से 35 वर्ष तक टिकनेवाले न हो बल्कि उससे अधिक कालावधि तक टिकनेवाले हो, ऐसी रचना करें. इसके लिए नई तकनीकी की मदद लेने की सूचना मुख्यमंत्री ने की.

वर्तमान में मुंबई के जो रास्ते, पुल नागरिकों के लिए बंद किए गए है. उनके बारे में नागरिकों को जानकारी होने के लिए जगह जगह पर सूचना देनेवाले फलक लगाए. पुल के काम कब तक पूर्ण होंगे इसके बारे में जानकारी देनेवाले फलक लगाकर जानकारी दे. तथा दुरुस्ती के कारण जिन पुलों से तथा सड़कों से यातायात का मार्ग बदल दिया हो, इसके बारे में नागरिकों को जानकारी देने के लिए मोबाईल ॲप तैयार करने के निर्देश भी मुख्यमंत्री ने इस समय दिए.

जिन क्षेत्रों में मार्केट के स्थानों पर यातायात प्रभावित होती है वहां एक स्थान निश्चित कर पार्किंग की व्यवस्था करें. वहां से नागरिकों को मार्केट में जाने के लिए पर्यायी यातायात सुविधाओं का निर्माण करें ताकि ट्रैफिक जैम न हो. जरूरत पड़ने पर बेस्ट बस यात्रा की व्यवस्था कर छूट देने के बारे विचार करें, ऐसी सूचनाएं भी मुख्यमंत्री ने दी.

मुंबई में कुल 344 पूल है, उसमें से 314 पूल मुंबई महापालिका के अधिकार क्षेत्र में हैं. जबकि या 30 पूल मुंबई महानगर प्रदेश विकास प्राधीकरण के अधिकार क्षेत्र में हैं. इसमें से 29 पूल स्ट्रक्टरल ऑडीट के बाद बंद किए गए हैं. 92 पूल अच्छी स्थिती में है जबकि 116 पुलों की मामूली दुरुस्ती की जा रही है. 67 पुलों की बड़े पैमाने पर दुरुस्ती की जा रही है. मध्य रेल की ओर से 199 पुलों का सर्वेक्षण किया गया है. विगत 5 सालों में मध्य रेल की ओर से 68 तथा पश्चिम रेल की ओर से 32 पादचारी पुल का निर्माण किया गया हैं.

घाटकोपर और जुहू तारा रोड इन दो पुलों की आयआयटी और वीजेटीआय की ओर से फिर से जांच की गई है. आधुनिक तकनीकी का उपयोग कर उन पुलों की दुरुस्ती की जाएगी. उसके बाद यह दोनों पुल यातायात के लिए खुले किए जाएंगे, ऐसा निर्णय इस समय लिया गया. इस बैठक में मुंबई पुलिस आयुक्त संजय बर्वे, एमएमआरडीए के महानगर आयुक्त आर. ए. राजीव, बेस्ट के महाव्यवस्थापक सुरेंद्र बागडे, मध्य रेल के मंडल महाप्रबंधक संजयकुमार जैन और पश्चिम रेल के महाप्रबंधक अनिल गुहा के समेत वरीष्ठ अधिकारी, मुख्य अभियंता उपस्थित थे.