भारत पर मानवाधिकार हनन के आरोप में राहुल और उमर के बयानों का उपयोग

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संयुक्त राष्ट्र मानवाधिकार परिषद में, भारत पर कथित मानवाधिकार हनन के आरोप लगा रहे पाकिस्तान ने तैयार किए 115 पेज के दस्तावेज में कश्मीर पर के राहुल गांधी और उमर अब्दुल्ला के बयानों को उद्धरित किया है।


जिनीवा : संयुक्त राष्ट्र मानवाधिकार परिषद में, भारत पर कथित मानवाधिकार हनन के आरोप लगा रहे पाकिस्तान ने तैयार किए 115 पेज के दस्तावेज में कश्मीर पर के राहुल गांधी और उमर अब्दुल्ला के बयानों को उद्धरित किया है।
पाकिस्तानी मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार दस्तावेज के पहले ही पन्ने में कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष और जम्मू-कश्मीर के पूर्व सीएम उमर अब्दुल्ला के कश्मीर पर के बयान का हवाला दिया गया है।

राहुल गांधी के उस बयान को शामिल किया गया है जो उन्होंने आर्टिकल 370 समाप्त किए जाने के 20 दिन बाद दिया था। बयान के अनुसार, ‘कश्मीर के लोगों की स्वतंत्रता और संवैधानिक अधिकारों को समाप्त किए आज 20 दिन हो चुके हैं। विपक्षी नेता और मीडिया सत्ता के क्रूर स्वरूप को देख रहे हैं और जम्मू-कश्मीर के नागरिकों पर बर्बरता से बल प्रयोग किया जा रहा।’

उमर के बयान का भी हवाला
पाकिस्तानी दस्तावेज में उमर के हवाले से कहा गया, ‘केंद्र सरकार के एकपक्षीय और हैरान करनेवाले फैसले के बहुत घातक परिणाम होंगे। यह कश्मीरियों के खिलाफ आक्रोश है। यह फैसला एकपक्षीय, गैर-कानूनी और असंवैधानिक है। एक बहुत मुश्किल और लंबी लड़ाई सामने खड़ी है और हम उसके लिए तैयार हैं।’

संयुक्त राष्ट्र मानवाधिकार परिषद के 42वें अधिवेशन की शुरुआत में मानवाधिकार प्रमुख मिशेल बाशालेट ने जो कहा – ‘कश्मीर पर भारत सरकार के हालिया ऐक्शन को लेकर और कश्मीरी लोगों के मानवाधिकार को लेकर मैं बहुत अधिक चिंतित हूँ। सरकार की ओर से जो कदम उठाए गए उनमें इंटरनेट कम्युनिकेशन पर प्रतिबंध, शांतिपूर्ण तरीके से लोगों के जमा होने और स्थानीय नेताओं को नजरबंद किया जाना शामिल है।’