मराठी को अभिजात भाषा के रूप में मिले दर्जा

मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे ने लिखा प्रधानमंत्री को पत्र

Uddhav Thackeray-PM Modi

मुंबई: मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को एक पत्र लिखकर मराठी भाषा को अभिजात भाषा का दर्जा दिया जाए ऐसी मांग की है | उन्होने प्रधानमंत्री से अपील की है की, वे स्वयं भी इस मामले में ध्यान दें और सभी संबंधित लोगों को इस बारे में तुरंत कार्रवाई के निर्देश दें।

प्रधानमंत्री को लिखे गए इस पत्र में, श्री ठाकरे ने कहा हैं कि मराठी भाषा को अभिजात भाषा का दर्जा दिए जाने के लिए महाराष्ट्र सरकार ने एक विशेषज्ञ समिति गठित की थी। इस समिति की रिपोर्ट के आधार पर 16 नवंबर, 2013 को केंद्र सरकार के पास एक प्रस्ताव भेजा गया था।

मराठी भाषा अभिजात भाषा का दर्जा पाने के लिए आवश्यक सभी मापदंडों को पूरा करती है। यह दर्जा मिले, इसलिए स्थिति का फॉलोअप करने के बावजूद भी, यह मामला केंद्र सरकार के सांस्कृतिक मामलों के मंत्रालय के पास प्रलंबित है।

संबंधित विभाग ने बताया है कि साहित्य अकादमी की भाषा समिति के पास यह मामला विचाराधीन है। इस पत्र में श्री ठाकरे ने आगे कहा है कि चूंकि मामला लंबे समय से प्रलंबित है, इसलिए प्रधानमंत्री को स्वयं ही इस मामले में ध्यान देना चाहिए और मराठी को तुरंत एक अभिजात भाषा के रूप में दर्जा देना चाहिए।