तीन महीने बाद भी प्याज को भाव नहीं

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नाशिक :- राज्य में समाधान कारक बारिश नहीं होने से खरीफ फसलों के साथ प्याज का भी उत्पादन बड़े तौर पर काम हुआ है. पिछले तीन महीने से प्याज को भाव नहीं मिलने से किसानो के साथ व्यापारी भी मुश्किल में फस गए है. किसानो से ख़रीदे प्याज को ग्राहक नहीं मिलने से व्यापारियों के यहाँ रखे प्याज से आर्थिक नुकसान हो रहा है.

वर्तमान में, जाधववाड़ी बाजार समिति में प्याज 300 रुपये और 700 रुपये क्विंटल के बीच की बिक रही है और खुदरा बाजार में 10 रुपये प्रति किलो के हिसाब से बिक रही है. समिति लासलगांव, घोडेगांव और जिले के विभिन्न हिस्सों से प्याज की बिक्री करने जा रही है, क्योंकि प्याज की गुणवत्ता अच्छी नहीं है. व्यापारी उसी कीमत में बेच रहे हैं क्योंकि उन्हें दूसरी तरफ संग्रहीत नहीं किया जा सकता है. नवंबर से प्याज बढ़ने के कारण थोक बाजार में 300 से 700 रुपये प्रति क्विंटल भाव मिल रहा है.

बाजार में अच्छी गुणवत्ता वाला प्याज 800 रुपये प्रति क्विंटल में बेचा जा रहा है. इस साल सूखे के कारण ग्रामीण लोगों के पास कोई काम नहीं है इसलिए किसान व्यापारियों को बेचने के बजाय अपना माल खुद बेच रहे हैं. अक्टूबर 2018 में, थोक बाजार में प्याज 1800 से 2200 रुपये क्विंटल में बेचा जा रहा था. सूखे के बाद, व्यापारियों ने बाजार में प्याज की दर 5-7 प्रति किलोग्राम बढ़ा दी थी. फिर नवंबर में, कीमतों में वृद्धि के कारण प्याज की कीमतें बढ़ गईं. नवंबर के महीने में प्याज 600 से 9 00, दिसंबर में 200 से 500 और जनवरी में 300 से 700 रुपये प्रति क्विंटल हो गया. यह स्थिति अभी भी चल रही है.