सावित्रीबाई का जन्म स्थान नायगाव यहां पर वैश्विक स्तर के कौशल विकास केंद्र का निर्माण किया जाएगा- मुख्यमंत्री

Hon CM at Savitribai Phule Birthplace 2
  •  नायगाव में “सावित्री सृष्टि” का निर्माण
  •  भिडे महल के राष्ट्रीय स्मारक के कार्य को दिशा देंगे
  •  नायगाव_मांढरदेवी रास्ते का कार्य किया जाएगा
  •  लिफ्ट सिंचाई योजना के 81 प्रतिशत बिजली के बिल सरकार भरेगी
  •  फुले दाम्पत्य को भारतरत्न पुरस्कार के लिए केंद्र सरकार को शिफारस की जाएगी
  •  संत सावता माळी का जन्म स्थान अरण का विकास किया जाएगा

सातारा : महात्मा फुले और सावित्रीबाई फुले इन्होंने ही महाराष्ट्र में पुरोगामीत्व की नींव रखी, उन्हीं के वजह से ही राज्य को पुरोगामी के रूप में पहचान मिली है। उन्होंने तैयार किए हुए रास्ते पर ही हम चलेगें, यह कहते हुए सावित्रीबाई फुले के नाम से नायगाव इस जन्म स्थान पर महिलाओं के लिए वैश्विक स्तर का कौशल विकास केंद्र निर्माण करने की घोषणा मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस इन्होंने आज यहां की।

शुरू में नायगाव (तह. खंडाळा ) यहां के क्रांतिज्योती सावित्रीबाई फुले के स्मारक को मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस इन्होंने अभिवादन किया और पुरातत्व विभाग की ओर से सावित्रीबाई के जीवन पर आधारित निर्माण किए गए चित्रशिल्पों को देखते हुए जानकारी प्राप्त की। तदुपरांत सातारा जिला परिषद की ओर से आयोजित ज्ञानज्योती सावित्रीबाई फुले जयंती समारोह मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस के प्रमुख उपस्थिति में संपन्न हुआ, इस अवसर पर वे बोल रहे थे। कार्यक्रम के अध्यक्ष विधानपरिषद के सभापति रामराजे नाईक- निंबाळकर थे।

इस समय पालकमंत्री विजय शिवतारे, कृषी राज्यमंत्री सदाभाऊ खोत, जिला परिषद के अध्यक्ष संजीव नाईक – निंबाळकर, पिंपरी चिंचवड के मेयर राहुल जाधव, विधायक शंभूराज देसाई, विधायक जयकुमार गोरे, विधायक मनिषा चौधरी, कोल्हापूर परिक्षेत्र के विशेष पुलिस महानिरीक्षक विश्वास नांगरे-पाटील, जिलाधिकारी श्वेता सिंगल, जिला परिषद के मुख्य कार्यकारी अधिकारी कैलास शिंदे, नायगाव के सरपंच निखील झगडे उपस्थित थे।

मुख्यमंत्री ने आगे कहा कि, क्रांतिज्योती सावित्रीबाई ने महाराष्ट्र में परिवर्तन लाया है। महात्मा फुले जी ने सावित्रीबाई को पढाकर स्त्री शिक्षा की प्रमुख नींव रखी। स्त्री शिक्षा में महत्वपूर्ण कार्य करके उन्होंने सनातनी समाज को खरमरीत जवाब दिया। आज यह बातें भले ही आसान लगती हो किंतु उस समय पर यह कार्य बहुत ही कठिन था। यह कार्य करते हुए उन्होंने समाज के बड़े तिरस्कार को भी सहन किया है।

महात्मा फुले और सावित्रीबाई फुले ने समाज के वंचितों का विकास और महिलाओं तक शिक्षा पहुंचाने का कार्य सफलतापूर्वक किया। उन्होंने महिलाओं के लिए और विधवाओं के लिए महत्वपूर्ण आंदोलन तैयार किया। समाज के वंचित घटकों के साथ रहने का कार्य इन्हीं दाम्पत्य ने किया। जातीभेद को मिटाने के लिए एवं स्त्रीमुक्ती के लिए भी महत्वपूर्ण कार्य किया। महात्मा फुले के कार्य की प्रेरणा लेकर ही डॉ. बाबासाहेब आंबेडकर इन्होंने सामाजिक समता का कार्य किया।

महिलाओं की मुक्ति के लिए अपना जीवन ज्ञापित करनेवाली सावित्रीबाई फुले इनका जन्म स्थान नायगाव को ‘ब’ दर्जे का तीर्थक्षेत्र घोषित करने के लिए जिलाधिकारी को तुरंत प्रस्ताव को भेजने की सूचना दी और कहा कि, नायगाव में “सावित्री सृष्टि” के निर्माण के लिए मान्यता दी जाएगी। साथ ही पुणे शहर में जिस भिडे महल में पहला महिलाओं का विद्यालय शुरू किया था, उस जगह के राष्ट्रीय स्मारक निर्माण का सवाल कानून तौर पर अटक गया है। किंतु सभी कानून प्रक्रियाओं को पूरा करके स्मारक निर्माण करने का कार्य सरकार करनेवाली है, यह भी उन्होंने बताया।

साथी ही इस परिक्षेत्र के औद्योगिक प्रशिक्षण संस्था की क्षमता जल्दी ही बडाई जाएगी यह बताते हुए मुख्यमंत्री ने कहा, नायगाव से मांढरदेवी यह रास्ता भी हालही में तैयार किया जाएगा। नीरा-देवधर बांध लाभक्षेत्र के योजनाओं के कार्य जल्द से जल्द पूरा करके किसानों के खेतों में पानी पहुंचाया जाएगा। साथ ही लिफ्ट इरिगेशन प्रकल्प के 81 प्रतिशत बिजली के बिल सरकार भरेगी और केवल 19 प्रतिशत रकम किसानों को भरनी होगी। इसलिए बिजली के बिल के कारण कोई भी लिफ्ट इरिगेशन योजना बंद नहीं होगी।

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देश के महिलाओं के लिए और वंचितों के लिए फुले दाम्पत्य ने महत्वपूर्ण कार्य किया है। इस दाम्पत्य को भारतरत्न देने के लिए राज्य सरकार ने केंद्र सरकार को प्रस्ताव भेजा है और राज्य सरकार इसे लेकर केंद्र को निरंतर शिफारस कर रही है यह भी बताया। संत सावता माळी इनका जन्म स्थान अरण के भी तीर्थक्षेत्र की संरचना तैयार की गई है और इस कार्य को भी जल्द ही पूरा किया जाएगा यह भी मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस इन्होंने बताया।

इस अवसर पर नायगाव ग्रामपंचायत की ओर से मुख्यमंत्री का सम्मान किया गया। इस समय जिला परिषद की ओर से तैयार किए गए “बेटी बचाव-बेटी पढाओ” इस किताब का मान्यवरों के हाथों विमोचन किया गया। इस अवसर पर विभिन्न क्षेत्रों में विशेष कार्य करनेवाली आर्या देशपांडे, जनाबाई हिरवे,यशस्वी साळुंखे और प्रांजल साळुंखे इन लड़कियों को मुख्यमंत्री के हाथों सम्मानित किया गया।

कार्यक्रम का प्रास्ताविक सरपंच निखील झगडे इन्होंने किया। इस कार्यक्रम के लिए विभिन्न संस्थाओं के प्रतिनिधि, अधिकारी एवं नागरिक बड़ी संख्या में उपस्थित थे।