मुख्यमंत्री राज्य का नहीं, राष्ट्रीय स्वयसेवक संघ के है – अशोक चौहान

CM - Ashok Chavan

महाराष्ट्र : डॉ नरेंद्र दाभोलकर, कॉम्रेड गोविंद पानसरे इनकी हत्या मामले में मुंबई उच्च न्यायालय में शुरू सुनवाई के दौरान जांच मशीनरी और महाराष्ट्र सरकार ने दिखाई शिथिलता पर तीव्र असंतोष व्यक्त कर मुख्यमंत्री केवल राज्य के है क्या या फिर केवल एक ही राजकीय पार्टी के है ? ऐसा आक्रोशित सवाल कर मुख्यमंत्री के प्रमाणिकता पर सवाल उठाया गया है। महाराष्ट्र के इतिहास में ऐसा पहली बार हुआ है। महाराष्ट्र प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष अशोक चव्हाण ने यह सवाल उठाते हुए कहा कि, यह महाराष्ट्र के लिए बहुत शर्म की बात है जिस वजह से मुख्यमंत्री को तुरंत अपने पद से इस्तीफा दे देना चाहिए।

अशोक चौहान ने कहा कि उन्हे अपनी भावनाओं को उच्च न्यायालय को तीव्र शब्दों में व्यक्त करना पड़ा क्योंकि राज्य के मुख्यमंत्री संविधान के अनुसार नहीं बल्कि संघ की विचारधारा के अनुसार कार्य कर रहे हैं। गृह मंत्री के रूप में, मुख्यमंत्री विफल और अक्षम साबित हुए हैं। टीम की विचारधारा हमेशा से संविधान विरोधी रही है। आपके विरोधियों के शोर को रोकने के लिए टीम किसी भी स्तर तक जा सकती है। डॉ. दाभोलकर और पानसरे ने हमेशा विचारधारा के खिलाफ लड़ाई लड़ी है। इसलिए सरकार हत्यारों तक पहुंचने में दिलचस्पी नहीं ले रही है।

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मुंबई के पास नालासोपारा में मिले बॉम्ब के संबंध में इसकी जांच की डोर राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ और विश्व हिंदू परिषद के वरिष्ठ नेताओ के पास जाने की संभावना है। जिस वजह से प्रधानमंत्री के बताये अनुसार मुख्यमंत्री इस मामले की जांच को धीमा करने आदेश आतंकवाद निरोधी दस्ते को दिया गया है। ऐसा गंभीर आरोप इंडिया स्कूप नाम की वेबसाइट द्वारा दी हुई रिपोर्ट में मुख्यमंत्री पर लगाया गया है। अशोक चव्हाण ने कहा कि, उच्च न्यायालय का बयान सही था। साथ ही कांग्रेस पार्टी ने मुख्यमंत्री से इस बारे में स्पष्टीकरण मांगा था जो उन्होंने अभी तक नहीं दिया है।