बलात्कार के आरोप में तरुण तेजपाल पर चलेगा मुकदमा

गोवा : रेप के आरोपों में फंसे तहलका मैगजीन के पूर्व एडिटर-इन-चीफ तरुण तेजपाल पर गोवा की मापुसा अदालत 28 सितंबर को अपना फैसला सुनाएगा। यानी अब तेजपाल के खिलाफ ट्रायल होगा। फिलहाल, संपादक जमानत पर रिहा हैं।

इस मामले पर तेजपाल के वकील रवि शर्मा नेकहा कि यह कोई केस ही नहीं बनता, इसलिए याचिका खारिज की जाए।तेजपाल पर आईपीसी की धारा 354 (A), 354 (B), 341,342,376(2)F,376(2)K के तहत फाइनल चार्ज तय हुए हैं, लेकिन धारा 376 को शामिल नहीं किया गया है।तरुण पर 2013 में महिला कर्मचारी पर यौन उत्पीड़न का आरोप लगाया था।

पढि़ए इस मामले में अब तक क्‍या-क्‍या हुआ :

गौरतलब है कि 20 नवंबर 2011 को तहलका मैगजीन की मैनेजिंग एडिटर शोमा चौधरी को मैगजीन की ही एक महिला पत्रकार का ई-मेल प्राप्त हुआ। जिस में मैगजीन के संपादक और एडिटर-इन-चीफ तरुण तेजपाल पर बेहद गंभीर आरोप लगाए गए थे। तेजपाल पर एक कार्यक्रम के दौरान अपनी ही साथी महिला पत्रकार से दो बार बलात्कार किये जाने का आरोप है। इस दुष्कर्म के बाद तेजपाल ने इस घटना के बारे में किसी से जिक्र पर पीड़िता को नौकरी से निकालने की धमकी दी थी।

तहलका मैनेजमेंट ने तरुण तेजपाल की तरफ से अपने कर्मचारियों को एक ई-मेल जारी कर पीड़ित से माफी मांगी और बतौर प्रायश्चित तहलका से छह महीने के लिए तेजपाल को पद छोड़ने के लिए कहा था। बताया जा रहा है कि इस मामले के मीडिया में आते ही तहलका प्रबंधन ने इस पूरे मामले को अंदरुनी बताकर दबाने की कोशिश की गई थी। साथ ही गोवा पुलिस इस मामले की जाँच कर तेजपाल के खिलाफ बलात्कार की शिकायत दर्ज की गई थी।

तेजपाल ने पहले दिए बयान से मुकर जाने के बाद गोवा क्राइम ब्रांच ने 2846 पन्नों की चार्जशीट पेश की। चार्जशीट में लिखा गया कि तेजपाल के खिलाफ पुख्ता सबूत हैं कि उन्होंने पीड़िता के साथ रेप किया था। 7 नवंबर 2015 को गोवा एडिशनल सेशन्स कोर्ट की जज विजया डी. पोल ने केस में ढिलाई बरतने के लिए जांच अधिकारियों की खिंचाई की।