मोदी – शाह जैसा अहंकार इससे पहले महाभारत में देखा था- शिवसेना

Modi Shah

मुंबई :- पांच राज्यों में हुए विधानसभा चुनाव में भाजपा तीन राज्यों की सत्ता हार गई है, वही मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ में 15 साल का वनवास खत्म कर कांग्रेस सबसे बड़ी पार्टी बनकर उभरी है। तेलंगाना में टीआरएस ने प्रचंड बहुमत के साथ जीत दर्ज की है, जबकि मिजोरम में कांग्रेस को मुंह की खानी पड़ी है, वहीं मिजो नेशनल फ्रंट (एमएनएफ) ने 40 सीटों में से 26 सीटें जीतकर राज्य में साधारण बहुमत हासिल कर लिया है। वहीं अब विधानसभा चुनाव में भाजपा को मिली मात के बाद सहयोगी दल उस पर हमला कर रहा हैं। महाराष्ट्र और केंद्र की सरकार में सहयोगी शिवसेना के मुखपत्र सामना में प्रकाशित संपादकीय में भाजपा पर करारा हमला किया गया है। उसमे लिखा कि, ‘अहंकार आखिरकार हार गया मोदी ने अंतत: कहा कि भाजपा जनादेश को स्वीकार करती है और विनम्ररता से हार को स्वीकार करना भाजपा की संस्कृति है, लेकिन यह संस्कृति और विनम्रता 2014 के चुनावों के बाद कहीं खो गई है।’

मुखपत्र सामना में शिवसेना ने कहा ‘राहुल गांधी ने विनम्रता पूर्वक अपनी जीत स्वीकार की। उन्होंने भाजपा शासित मुख्यमंत्रियों का भी शुक्रिया किया। लेकिन मोदी राष्ट्रनिर्माण में पंडित नेहरू, इंदिरा गांधी, राजीव गांधी के योगदान को स्वीकार करने को तैयार नहीं हैं। इसके अलावा वह भाजपा बनाने में आडवाणी और अन्य नेताओं के योगदान को भी स्वीकार नहीं कर रहे हैं। इस प्रकार का अहंकार सिर्फ महाभारत में देखा गया था।’

उद्धव ठाकरे ने कहा कि मोदी-शाह की जोड़ी जैसा अहंकार आखिरी बार महाभारत में देखा गया था। इसके अलावा शिवसेना ने कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी के विनम्र स्वभाव की भी तारीफ की। सेना ने कहा ‘राहुल ने कहा कि हम 2019 में भी भाजपा को हराएंगे, लेकिन उन्होंने कभी भाजपा-मुक्त हिंदुस्तान नहीं कहा। यह विनम्रता जवाब देती है कि इतने हमलों के बावजूद गांधी ने कितने सारे तूफानों को सह लिया और लोकतंत्र बच गया।’ भाजपा ने हिंदी हार्टलैंड राज्य- राजस्थान, मध्य प्देश और छत्तीसगढ़ में अपनी सरकार खो दी। भाजपा की सहयोगी पार्टी ने प्रधानमंत्री मोदी और पार्टी अध्यक्ष अमित शाह पर निशाना साधते हुए कहा कि कार्यकर्ताओं को लगता है कि मोदी विष्ण के 13वें अवतार हैं और शाह चाणक्य हैं।