अकाल से सामना करने के लिए किसानों को बजट से आर्थिक शक्ति दी

राज्य आर्थिक दृष्टि से सक्षम वित्तमंत्री सुधीर मुनगंटीवार की जानकारी

Vittamantri Sudhir Mungantiwar Budget

मुंबई :- खेती को स्थैर्य देना, सुविधाओं का गतिमान विकास, बढ़ते शहरीकरण के अनुरूप सुविधाओं और शेतकरी तथा युवाओं के प्रश्नों को प्राथमिकता दी है. आज प्रस्तुत किए गए बजट से राज्य के आर्थिक प्रगति की गति जैसे बढ़ती हुई दिखाई देती है वैसे ही इस बजट से अकाल का सामना करने के लिए किसानों को आर्थिक शक्ति प्रदान करने का काम भी किया है, ऐसा अर्थमंत्री सुधीर मुनगंटीवार ने कहा.

आज राज्य का वर्ष 2019-20 का अंतरिम बजट वित्त एवं नियोजन मंत्री सुधीर मुनगंटीवार ने विधानसभा में तथा वित्त एवं नियोजन राज्य मंत्री दीपक केसरकर ने विधानपरिषद में प्रस्तुत किया. वर्ष 2019-20 आर्थिक वर्ष के पहले चार महीनों के लिए खर्च का यह लेखानुदान है, ऐसा भी श्री. मुनगंटीवार ने कहा.

भयमुक्त, भूकमुक्त, विषमतामुक्त और रोजगार युक्त महाराष्ट्र की निर्मिति को सरकार ने प्राथमिकता दी है, ऐसा बताकर श्री. मुनगंटीवार ने कहा कि, इस सरकार ने युवाओं के लिए चार वर्ष के कार्यकाल में 25 प्रतिशत से अधिक रोजगार के अवसर निर्माण किए हैं. सरकार ने खेती और पूरक व्यवसाय को प्राथमिकता देते हुए सिंचाई सुविधाओं का विस्तार कर किसानों का उत्पादन दोगुना करने के लिए नियोजनपूर्वक कदम उठाएं हैं, ऐसा उन्होंने कहा.

Vittamantri Sudhir Mungantiwar Budgetविभिन्न योजनाओं के द्वारा किल्लत पीड़ितों को मदद

जमीन राजस्व में छूट, सहकारी कर्ज का पुनर्गठन, खेती से संबंधित कर्ज वसूली को स्थागिति, कृषि पम्पों के वर्तमान बिजली बिलों में 33.5 प्रतिशत छूट, शालेय, महाविद्यालयीन विद्यार्थियों के परीक्षा शुल्क माफ, रोगायो के अंतर्गत किए जानेवाले कामों के निकषों में शिथिलता, आवश्यक स्थानों पर पीने के पानी की टैंकर्स की आपूर्ति, किल्लत घोषित गांवों में किसानों के खेती पम्पों के बिजली कनेक्शन खण्डित न करने आदि जैसी विभिन्न उपाययोजनाओं से किल्लत पीड़ित क्षेत्रों में नागरिकों और किसानों को सरकार की ओर से मदद की जा रही है, ऐसी जानकारी अर्थमंत्री ने दी.

राज्य आर्थिक दृष्टि से सक्षम

गतवर्ष का बजट राजकोषीय टूट का रखा गया था. वह वर्ष वस्तू और सेवा टैक्स प्रणाली के अमल का पहला वर्ष था. इस टैक्स से 90 हजार करोड़ रुपयों का राजस्व मिलेगा, ऐसा अनुमान व्यक्त किया गया था. प्रत्यक्ष रूप में महाराष्ट्र किसान, व्यापारी और उद्यमियों ने अच्छा सहयोग दिया और यह आय 1 लाख 15 हजार करोड़ रुपये तक बढ़ी. मूल बजट के अनुमान में न होनेवाली छत्रपति शिवाजी महाराज किसान सम्मान योजना के लिए 16 हजार 95 करोड़ रुपये देकर भी राज्य में बढ़े राजस्व उत्पादन से 2 हजार 82 करोड़ रुपयों से राजस्व अधिक हुआ. भविष्य में प्रशासकीय खर्च में कमी और राजस्व उत्पादन में बढ़ोतरी करने का सरकार का प्रयास रहेगा, ऐसा भी उन्होंने कहा. सन्मान योजनेसाठी १६ हजार ९५ कोटी रुपये

कर्ज और कर्ज के ऊपरी ब्याज का प्रमाण घटा

राज्य कर्ज में डूबा हैं, राज्य की आर्थिक स्थिति कमजोर हुई हैं, ऐसे आरोपों का खंडन करते हुए श्री. मुनगंटीवार ने कहा, राज्य की अर्थव्यवस्था आकार देखते हुए कर्ज का प्रमाण निर्धारित सीमा में है, ऐसा वित्तीय सूचकांक से स्पष्ट होता है. स्थूल राज्य उत्पादन के 25 फीसदी तक राज्य पर कर्ज होने के बाद भी राज्य की वित्तीय स्थिति सशक्त मानी जाती हैं. अपना यह प्रमाण आज 15 फीसदी से कम यानी 14.82 फीसदी इतना है. कर्ज पर ब्याज का स्थूल राज्य उत्पाद से होनेवाला प्रमाण कम करने में सरकार को सफलता मिली है. वर्ष 2019-20 में राज्य की वार्षिक योजना 99 हजार करोड़ रुपयों की निर्धारित की गई हैं. इसमें अनुसूचित जाति उपाययोजन के लिए 9 हजार 2078 तथा आदिवासी उपाययोजनाओं के लिए 8 हजार 431 करोड़ रुपयों का प्रावधान किया हैं. इसी वर्ष के लिए 9 हजार करोड़ रुपयों का नियतव्यय जिला वार्षिक योजनाओं के लिए आरक्षित रखा गया है, ऐसा भी उन्होंने कहा.

Vittamantri Sudhir Mungantiwar Budgeकाम की सिद्धता और विभिन्न विभागों के लिए उपाययोजनाओं के लिए उपलब्ध करवाया हुआ निधि

बजट की प्रमुख विशेषताएं

· अकाल से पीड़ित किसानों के लिए 2 हजार 909 करोड़ रुपयों का निधि उपलब्ध करवाया है. इसमें से 1 हजार 507 करोड़ रुपयों की रकम 42 लाख किसानों के खातों में जमा की गई हैं. इसके साथ ही किल्लत और अकाल पीड़ितों को मदद के लिए 2 हजार करोड़ रुपयों का आकस्मिकता निधि भी मंजूर किया गया हैं.

· सिंचाई के लिए 8 हजार 733 करोड़ रुपये. विदर्भ और मराठवाड़ा के किसान आत्महत्या पीड़ित जिले और शेष महाराष्ट्र के अकाल पीड़ित और अवर्षणप्रवण क्षेत्र के सिंचाई प्रकल्पों को आर्थिक सहायता

· जलयुक्त शिवार योजना से मई 2019 के अंत तक 22 हजार गांव पानी किल्लत मुक्त करेंगे. योजना के लिए 1 हजार 500 करोड़ रुपये

· सुक्ष्म सिंचाई, कुएं, खेत तालाब, के साथ रोजगार गारंटी योजना के लिए 5 हजार 187 करोड़ रुपये

· कीचड़ मुक्त बांध और कीचड़ युक्त शिवार योजना से 5 हजार 270 जलाशयों से 3 करोड़ 23 लाख टन घन मीटर कीचड़ निकाला. 31 हजार 150 किसानों को हुआ लाभ

· विगत चार सालों में 1 लाख 50 हजार से अधिक कुओं के काम पूर्ण. जो मांगेगा उसे खेत तालाब योजना से 1 लाख 30 हजार खेत तालाबों का काम पूर्ण.

· भाऊसाहेब फुंडकर फल बगीचा लागवड योजना, केंद्र पुरस्कृत कृषि यांत्रिकीकरण उप अभियान के अंतर्गत किसानों को कृषि यंत्र औजार खरीदी के लिए अनुदान जैसी विभिन्न योजनाओं के साथ कुल कृषि के लिए 3 हजार 498 करोड़ रुपयों का निधि

· छत्रपति शिवाजी महाराज किसान सम्मान योजना से 51 लाख किसानों को 24 हजार करोड़ रुपयों की कर्जमाफी की रकम प्राधिकृत. कर्जमाफी के लिए पात्र अंतिम किसानों तक कर्जमाफी का लाभ देंगे, निधि कम नहीं होने देंगे

· चार वर्ष में 4 लाख 40 हजार कृषि पम्पों को बिजली कनेक्शन. इसके लिए 5 हजार 110 करोड़ रुपयों का खर्च 2019-20 में 900 करोड़ का प्रावधान

· अगले तीन सालों में 1 लाख सौरपंप लगाने का सरकार का उद्देश्य.

· दूध- प्याज, तुअर, चना, धान उत्पादकों को विभिन्न योजनाओं के द्वारा अनुदान. 500 करोड़ रूपयों के निधि का वितरण. 400 करोड़ रुपयों के अनुदान वितरण करने की कार्यवाही शुरू

· धान उत्पादकों दिए जानेवाले बोनस रकम में प्रतिक्विंटल 200 से 500 रुपये तक कि बढ़त

· ग्रामीण विकास का मूलाधार सहकारी संस्थाओं को कृषि और प्रक्रिया उद्योग में प्रोत्साहन देने के लिए “अटल अर्थ सहाय योजना” के लिए 500 करोड़ रुपयों का अनुदान उपलब्ध करवाया.

· युवा राज्य के गतिमान विकास का केंद्रबिंदू हैं, यह ध्यान में लेकर युवाओं को रोजगार उपलब्ध करवाने के लिए न “प्रमोद महाजन कौशल्य एवं उद्योजकता विकास अभियान राज्य में चलाया जा रहा है. इसमें लिए 90 करोड़ रुपयों का प्रावधान

· आर्थिक दृष्टि से दुर्बल घटकों के विद्यार्थियों के लिए “राजर्षी छत्रपती शाहू महाराज शिक्षा शुल्क छात्रवृत्ति” योजना का लाभ. पात्रता की सीमा 6 लाख से 8 लाख रुपये तक बधाई. योजना की कई शर्ते शिथिल कर, नए पाठ्यक्रमों का समावेश कर योजना की व्यापकता बढ़ाई. योजना के लिए 572 करोड़ का निधि

· 2014 में राष्ट्रीय महामार्ग की लंबाई 4 हजार 766 किलोमीटर थी, अब 17 हजार 750 किलोमीटर हुई हैं. राज्य के सड़क विकास के लिए 8 हजार 500 करोड़ रुपयों का प्रावधान

· केंद्रीय मार्ग निधि योजना के अंतर्गत 2009-14 तक 1 हजार 244 करोड़ रकम के काम मंजूर किए थे. इस तुलना में 2014 से 2019 की कालावधि में 7 हजार 314 करोड़ रकम के काम केंद्र सरकारने मंजूर किए हैं. इस योजना के अंतर्गत 1 हजार 105 करोड़ रुपयों का प्रावधान प्रस्तावित हैं. नाबार्ड सहायित सड़क विकास योजना के लिए 350 करोड़ रुपयों का प्रावधान प्रस्तावित हैं

· हायब्रीड ॲन्युईटी मॉडेल अंतर्गत 30 हजार करोड़ अनुमानित कीमत के काम मंजूर. 2019- 20 में इसके लिए 3 हजार 700 करोड़ रुपयों का नियतव्यय प्रस्तावित.

· नागपुर -मुंबई समृद्धी महामार्ग पिछड़े क्षेत्र के विकास का महामार्ग हैं. इस मार्ग का 700 किलोमीटर का भुसम्पादन रिकार्ड समय में पूर्ण हुआ हैं. भुसंपादन के लिए 7 हजार करोड़ रुपये.

· मुख्यमंत्री ग्रामसडक योजना के तहत 30 हजार कि.मी लम्बे सड़क निर्माण का उद्दिष्ट. इसमें से 22 हजार 360 कि.मी की सड़कें मंजूर. इससे 6 हजार 344 कि.मी रास्तों के काम पूर्ण. इसके लिए 2 हजार 164 करोड़ का निधि

· सागरमाला योजना के अंतर्गत किनारों के बंदरगाहों में यात्री जल यातायात के लिए 26 करोड़ रुपयों का निधि

· मुंबई नागरी परिवहन प्रकल्प चरण 1 अ अंतर्गत 55 हजार करोड़ अनुमानित खर्च के प्रकल्प मुंबई रेलवे विकास कॉर्पोरेशन के मार्फत शुरू

· मुंबई, पुणे, नागपुर और अन्य शहरों में मेट्रो का जाल. मुंबई में एम.एम.आर.डी.ए के सहभाग से 276 कि.मी लंबे मेट्रो को मंजूरी. ठाणे, मीरा-भाईंदर, वसई-विरार, कल्याण-डोंबिवली, भिवंडी तक मेट्रो का विस्तार. नागपूर, पुणे, नवी मुंबई में मेट्रो के काम शुरू. 141 कि.मी लम्बे मार्गों का निर्माण होगा

· राज्य में हवाईअडडे विकास और विमान सेवा का विस्तार. उडान योजना के अंतर्गत भारतीय विमानपत्तन प्राधिकरण को 65 करोड़ का निधि

· राज्य में 67 लाख यात्री रोजाना एसटी से यात्रा करते हैं. राज्य में 592 बस स्थानकों में से 96 बस स्थानकों का आधुनिकीकरण. 270 करोड़ के कामों को मंजूरी. 170 करोड़ की रकम सरकार ने उपलब्ध करवाए है. 2019- 20 में इसके लिए 101 करोड़ का नियतव्यय.

· नए 700 बस खरीदी के लिए 210 करोड़ रुपयों का निधि मंजूर कोटी रुपयांचा निधी मंजूर. 90 करोड़ रुपये वितरित.

· राज्य में 100 प्रतिशत गांवों का विद्युतीकरण.

· उर्जा विभाग के लिए 6 हजार 306 करोड़ रुपयों का नियतव्यय प्रस्तावित

· नई और नवीकरणीय उर्जा स्त्रोतों के विकास के लिए 1 हजार 87 करोड़ का निधि मंजूर

· सीधे विदेशी निवेश में महाराष्ट्र अग्रणि. पिछले चार सालों में 3 लाख 36 हजार करोड़ रुपये रकम का सीधा निवेश महाराष्ट्र में.

· 42 सूचना तकनीकी उद्यान अपेक्षित, इसमें 1 हजार 500 करोड़ रुपयों का निवेश होगा. 1 लाख रोजगार निर्मिति अपेक्षित

· उद्योग सुलभता के लिए दाखिलों की संख्या कम की. रोजगार निर्मिति के लिए 10 विभागों की 41 सेवाओं की जानकारी मैत्री कक्ष से उपलब्ध

· राज्य में 150 औद्योगिक समूह प्रकल्प विकास के लिए हाथ में लिए. इससे हजारों रोजगार निर्माण होंगे. 65 करोड़ रुपयों का निधि

· मुख्यमंत्री ग्रामीण पेयजल योजना और राष्ट्रीय पेजयल योजना के लिए 735 करोड़ रुपयों का निधि

· राज्य में 254 शहरों में 2 हजार 703 करोड़ रुपये कीमत के घनकचरा व्यवस्थापन प्रकल्पों को मंजूरी.

· स्मार्ट सिटी प्रकल्पांतर्गत चुने गए 8 शहरों में अबतक 1 हजार 388 करोड़ रुपयों के 51 प्रकल्प पूर्ण हुए. 4 हजार 872 करोड़ रुपयों के 98 प्रकल्प प्रगति पथ पर हैं. इस योजना के लिए 2 हजार 400 करोड़ रुपयों का निधि

· प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना के लिए 1 हजार 21 करोड़ रुपयों का निधि

· राष्ट्रीय स्वास्थ्य अभियान योजना के लिए 2 हजार 98 करोड़ रुपयों का निधि

· वैद्यकीय शिक्षण विभागांतर्गत वैद्यकीय महाविद्यालयों का निर्माण और अन्य उपक्रमों के लिए 764 करोड़ रुपये

· प्रदुषित नदियां और तालाब के संवर्धन के साथ पर्यावरण रक्षण के लिए विभाग को 240 करोड़ रुपयों का निधि

· समाज के वंचित घटकों के सर्वांगीण विकास के लिए रमाई घरकूल, छात्रावास, निवासी शाला, संजय गांधी निराधार अनुदान योजना, श्रावणबाल सेवा राज्य निवृत्ति वेतन योजना ऐसी योजनाएं चलाई जाती है. इसके 31 लाख 87 हजार लाभार्थी हैं. इसके लिए 3 हजार 180 करोड़ रुपयों का निधि प्रस्तावित किया गया हैं.

· महामंडलों के लिए 325 करोड़ रुपयों का निधि मंजूर किया गया हैं.

· अल्पसंख्यक विभाग की विभिन्न योजनाओं के लिए 465 करोड़ का निधि बजट में रखा गया है

· अन्य पिछड़ावर्ग, विमुक्त जाती, भटकी जनजाति और विशेष पिछड़ा प्रवर्ग कल्याण विभाग के लिए 2 हजार 892 करोड़ रुपयों का नियतव्यय रखा गया है

· महिला एवं बाल विकास के लिए 2 हजार 921 करोड़ का प्रावधान

· तेजस्विनी प्रकल्प से ग्रामीण महाराष्ट्र में महिलाओं के लिए रोजगार निर्मिति का नया उपक्रम. 5 हजार अंगणवाडिया आदर्श अंगणवाडी केंद्र में रूपांतरित करेंगे।

· प्रधानमंत्री आवास योजना के अंतर्गत 385 शहरों के नागरिकों को लाभ. योजना के लिए 6 हजार 895 करोड़ का निधि.

· औरंगाबाद, नागपुर, अमरावती विभाग के अंतर्गत 14 जिलों में गरीबी रेखा के ऊपरी किसानों को चावल और गेंहू का सस्ते भाव में आपूर्ति. इसके लिए 896 करोड़ रुपयों का प्रावधान

· मा. बालासाहेब ठाकरे स्मृति मातोश्री ग्रामपंचायत निर्मिति योजना में 2 हजार से कम जनसंख्या के ग्रामपंचायतों के निर्मिति के लिए 75 करोड़ का निधि

· राज्य में नवंबर 2018 तक 28 हजार 646 आपले सरकार सेवा केंद्र स्थापित. आज तक विभिन्न विभागों से संबंधित 392 सेवाएं ऑनलाइन. 6 करोड़ से अधिक नागरिकों ने लिया सुविधा का लाभ. योजना के लिए 60 करोड़ का निधि

· राज्य के न्यायालय और न्यायाधीशों के निवासस्थानों के निर्माण के लिए 725 करोड़ रुपयों का निधि

· पुलिस गृहनिर्माण एवं कल्याण मंडल की ओर से 4 हजार 40 सेवा निवासस्थान का निर्माण शुरू. 698 निर्माण प्रकल्पों की निविदा प्रकाशित. 5 हजार 551 सेवा निवासस्थानों की निविदा प्रगति पथ पर. 20 हजार 602 सेवा निवासस्थानों का निर्माण प्रकल्प नियोजन स्तरपर. ७ हजार ५४ सेवा निवासस्थान सार्वजनिक निजी भागीदारी से निर्माण करना प्रस्तावित. इसके लिए 375 करोड़ रुपयों का निधि

· विभिन्न कानूनों में स्थागिति और विवादित टैक्स, ब्याज, जुर्माना, विलंब शुल्क के लिए टैक्स अभय योजना