स्टांप पेपर घोटाला : मौत के एक साल बाद अब्दुल करीम आरोपों से बरी

telagi

नाशिक :- सोमवार को नाशिक की एक अदलात ने स्टांप पेपर घोटाले में दोषी पाए गए अब्दुल करीम तेलगी को सारे आरोपों से बरी कर दिया है। किंतु अपने फैसला सुनने के लिए वह जीवित नहीं है। दरअसल, एक साल पहले तेलगी की मेनिनजाइटिस नामक गंभीर बीमारी से मृत्यु हो गई।

बता दे कि. अब्दुल करीम तेलगी को नवंबर २००१ में अजमेर से गिरफ्तार किया गया था और उसे ३० साल के कठोर कारावास की सजा सुनाई गई थी। उस पर आरोप था कि, उसने करोड़ों रुपए के फर्जी स्टांप पेपर का घोटाला किया है। साथ ही उस पर २०२ करोड़ रुपए का जुर्माना भी लगाया गया था। आरोप के चलते तेलगी बैंगलोर के परप्पाना अग्रहारा सेंट्रल जेल में अपनी सज़ा काट रहा था। जहां २० सालों से एड्स, डायबिटीज, हायपरटेंशन सहित कई अन्य बीमारियों से पीड़ित होने की वजह से अक्टूबर में उसकी मौत हो गई।