शिवसेना का बीजेपी पर तीखा वार, ‘गोहत्या मंज़ूर नहीं मगर किसानों की आत्महत्या का क्या?’

मुंबई: पिछले कुछ समय से बीजेपी शासित राज्यों में गोहत्या को लेकर कड़े नियम बनाए जा रहे हैं। बीजेपी सरकार और बीजेपी नेता गोहत्या करने वालों पर कड़ी कार्रवाई और कठोर सज़ा की बात कर रही है। हाल ही में छत्तीसगढ़ के मुख्‍यमंत्री रमन सिंह ने कहा था कि गायों की हत्‍या करने वालों को फांसी पर लटका दिया जाएगा। रमन सिंह से पहले यूपी में बीजेपी विधायक विक्रम सैनी ने भी कहा था कि गोहत्‍या करने वालों की टांगे तोड़ देंगे। एक तरफ गोहत्या पर बीजेपी का सख्त रुख है, वहीं शिवसेना ने इसी मुद्दे पर उससे कुछ तीखे सवाल किए हैं।

शिवसेना ने अपने मुखपत्र सामना में लिखा है कि बीजेपी की सत्ता वाले कुछ राज्यों में बीफ खाया जाता है, फिर वहां बीफ बंद करने की हिम्मत क्यों नहीं होती? सामना में आगे यह सवाल भी पूछा गया है कि जिस राज्य में गोहत्या करने वालों को आजीवन कारावास की सजा होगी, उस राज्य में किसानों की हो रही आत्महत्या रोकने के लिए क्या कदम उठाए गए हैं? यह भी पढ़े: शिवसेना की ब्लैकमेलिंग से परेशान बीजेपी मिला सकती है एनसीपी से हाथ शिवसेना ने सहयोगी पार्टी बीजेपी पर गोहत्या को लेकर दोहरे मापदंड अपनाने का इलज़ाम लगाया है। शिवसेना ने सवाल किया है कि जो गोहत्या के खिलाफ हैं उनका हम स्वागत करते है , मगर उनके राज्यों में किसान आत्महत्या कर रहे हैं, उसका क्या? किसानों की आत्महत्या के लिए कौन ज़िम्मेदार है? किसे ज़िम्मेदार ठहराया जाए। किसे आजीवन कारावास की सजा और किसे फांसी पर लटकाया जाना चाहिए?

बता दें कि केरल के मलप्पुरम लोकसभा सीट पर होने वाले उपचुनाव के लिए बीजेपी उम्मीदवार एन श्रीप्रकाश ने कहा था कि उनकी पार्टी गोहत्या के खिलाफ है, बीफ के खिलाफ नहीं। श्रीप्रकाश ने यह भी कहा कि अगर मैं जीतता हूं तो अच्छी गुणवत्ता का बीफ देने वाले स्लॉटर हाउस खुलवाउंगा।