किसान खुश रह सके यहीं सरका,र की भूमिका- मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे

कर्जमुक्ति पर राज्य के विविध किसान संगठनाओं ने किया मुख्यमंत्री का सत्कार

CM Uddhav Thackeray

मुंबई : किसान खुश रह सके, यहीं सरकारी की भूमिका रही है। कर्जमुक्ति यह प्राथमिक इलाज भले ही है, फिर भी कृषि विकास के लिए दीर्घकालीन उपाययोजनाएं करने के लिए सरकार कटिबद्ध है, यह विश्वास मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे ने दिया।

2 लाख रुपए तक के कर्जमुक्ति पर राज्य के विविध किसान संगठनाओं की ओर से आज सह्याद्री अतिथिगृह में मुख्यमंत्री का सत्कार किया गया, इस दौरान वे बोल रहे थे। इस अवसर पर गृहमंत्री एकनाथ शिंदे, अर्थमंत्री जयंत पाटिल, सांसद विनायक राऊत, गुटनेता अनिल परब, पूर्व सांसद चंद्रकांत खैरे, विधायक प्राजक्त तनपुरे, लक्ष्मण वडले आदि मान्यवर उपस्थित थे।

मुख्यमंत्री ने कहा कि अपना अन्नदाता खुश रह सके यही हम चाहते है। किसानों के लिए इस सरकार के दरवाजे हमेशा खुले रहेंगे। किसानों के साथ यह सरकार सक्षमता से रहेगा, यह विश्वास उन्होंने इस दौरान व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि अब दी हुई कर्जमुक्ति यह किसानों को संकटों से बाहर निकालने के लिए है और यह केवल प्रथमोपचार है। जबकि इस सरकार की ओर से कृषि के विकास के लिए एक कालबद्ध कार्यक्रम बनाया जा रहा है। किसानों की सूचनाओं को यह सरकार हमेशा ही प्राथमिकता देगी और कृषि से संबंधित नीति तय करते समय किसानों को भरोसे में लिया जाएगा, यह ग्वाही भी मुख्यमंत्री श्री. ठाकरे ने इस दौरान दी।

अर्थमंत्री जयंत पाटिल ने भी कर्जमाफी के क्रियायन्व्यन को लेकर सरकार की भूमिका स्पष्ट की। किसान क्रांति, राष्ट्रीय किसान महासंघ एवं अन्य संगठनों के शिष्टमंडल ने मुख्यमंत्री श्री. ठाकरे के प्रति आभार व्यक्त किया। ठाकरे सरकार ने अब दी हुई कर्जमुक्ति यह किसी भी किसान को रास्ते पर आने के लिए मजबूर न करते हुए जो शब्द दिया था, उसके अनुसार घोषित की है। इस कर्जमुक्ति से राज्य के 80 फीसदी से अधिक किसानों का सातबारा उतारा कोरा होगा और राज्य के किसानों को इस बात से धीरज मिला है, यह विचार भी शिष्टमंडल ने इस दौरान व्यक्त किए।

इस दौरान शिष्टमंडल की ओर से मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे को बैलगाडी की प्रतिकृति और राज्यों में विविध जगहों के फल, सब्जियाँ और अनाज भेट स्वरूप दिए गए।

इसके अलावा नियमित कर्ज बाहर रहे किसानों को उचित न्याय मिल सके, किसानों को दिन में विद्युत आपूर्ति उपलब्ध की जाए, कर्जमुक्ति की योजना में उपसा जलसिंचाई योजना को भी शामिल किया जाए, किसानों की समस्याओं के लिए समन्वय समिति की स्थापना कर समय-समय पर जायजा लिया जाए आदि विषयों का भी शिष्टमंडल की ओर से ज्ञापना दिया गया।

इस दौरान विविध संगठनों के पदाधिकारी सर्वश्री संदीप गिड्डे, लक्ष्मण वंगे, शंकर दरेकर, अरूण कान्होरे, नितीन थोरात, माऊली हलणवार, उमेश शिंदे, विजय गाजरे, माधव पाटिल, राजाराम पाटिल, नितीन बागल, शहाजहान शेख, धनाजी चव्हाण, युवराज सुर्यवंशी, महेश राणे, अतिश गरड, योगेश ओव्हाल, तुकाराम सुर्यवंशी, सौरभ वाव्हल, ओंकार बिरदवडे, दत्तात्रय गाजरे उपस्थित थे।