प्रकाश आंबेडकर-असदुद्दीन ओवैसी महाराष्ट्र में मिलकर लड़ेंगे चुनाव

Owaisi-Ambedkar

यवतमाल :- महाराष्‍ट्र भारिप बहुजन महासंघ प्रमुख प्रकाश आंबेडकर ने असदुद्दीन ओवैसी के साथ मिलकर महाराष्ट्र की सभी लोकसभा सीटों पर चुनाव लड़ने का फैसला लिया है। उनके इस दांव से दलित-मुस्लिम वोटों के बंटवारे के कयास लगाए जा रहे हैं। दोनों के साथ चुनाव लड़ने से पूरे महाराष्ट्र और खासकर विदर्भ में सियासी समीकरण दिलचस्प हो गए हैं। महाराष्ट्र के विदर्भ समेत कई हिस्सों में दलित-मुस्लिम मिलकर एक बड़ा वोट बैंक बनाते हैं। पिछले 2 साल में भीमा कोरेगांव हिंसा और एससी-एसटी ऐक्ट पर उच्चतम न्यायालय के आदेश यहां दलित लामबंदी हुई है और मोदी सरकार को विरोध का सामना करना पड़ रहा है।

ऐसे में दोनों समुदाय कांग्रेस-एनसीपी की उम्मीद बन चुके हैं लेकिन वीबीए के चुनावी अखाड़े में प्रमुखता से उतरने पर दलित-मुस्लिम वोटों पर सेंध लगना तय है। बीआर आंबेडकर के पौत्र होने के चलते पूर्व भारतीय रिपब्लिकन पार्टी (आरपीआई) नेता प्रकाश आंबेडकर का कद बड़ा है। फिर ओवैसी के एआईएमआईएम के साथ उनके समझौते के बाद वह महाराष्ट्र की लगभग सभी लोकसभा सीटों पर अपने उम्मीदवार उतारने जा रही है। इससे सियासी पंडितों के बीच चर्चा शुरू हो गई है कि वीबीए दलित मुस्लिम वोटों का बंटवारा करके बीजेपी-शिवसेना के गठबंधन को फायदा पहुंचा सकती है।

यह भी पढ़ें  :हमारी सरकार आई तो चुनाव आयुक्‍त को जेल भेज देंगे- प्रकाश आंबेडकर

हालांकि प्रकाश आंबेडकर ने इससे इनकार किया। वह बताते हैं, ‘हमने वीबीए को पूर्ण रूप से उतारने का फैसला इसलिए लिया क्योंकि सभी मेनस्ट्रीम राजनीतिक पार्टियां मनुवादी दल हैं जो दलित, मुस्लिम और दूसरे वंचित वर्गों को नजरअंदाज करते हैं।’ उन्होंने आगे कहा, ‘जब हमने कांग्रेस-एनसीपी से गठबंधन की कोशिश की तो उन्होंने इससे इनकार कर दिया। अब वीबीए की ताकत का अंदाजा लगाने के बाद उन्होंने आरोप लगाने शुरू कर दिए हम भाजपा से मिले हुए हैं लेकिन मुझे झूठे आरोपों की फिक्र नहीं है।’