मोदी मुंबई लोकल के कायापलट के लिए 55 हजार करोड़ के प्रॉकल्प लॉन्च करेंगे

मुंबई : प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी शनिवार, 24 दिलंबर को मुंबई की बरसों पुरानी परेशानी दूर करने के लिए मुंबई लोकल के कायापलट करने वाले लगभग 55 हजार करोड़ रुपए के प्रकल्प लॉन्च करेंगे. साथ ही 10,947 करोड़ का एमयूटीपी-3 की शुरुआत करेंगे.

आगामी मनपा चुनावों की सरगर्मियों के बीच मुंबई में ‘रफ्तार’ से भविष्य की योजनाओं पर काम किया जा रहा है.

अनुमान लगाया जा रहा है कि एमयूटीपी-3 पूरा होने तक लोकल ट्रेनों की यात्री क्षमता 92 लाख यात्री प्रतिदिन हो जाएगी. इसी को देखते हुए 47 आधुनिक रैक ऐसे हैं, जो वातानुकूलित या अर्द्ध-वातानुकूलित हो सकते हैं. विरार-दहाणू रूट चौहरीकरण, पनवेल-कर्जत का दौहरीकरण और ऐरीली-कलवा सबर्बन लिंक और 22 स्टेशनों के लिए मिड सेक्शन ट्रेसपासिंग एमयूटीपी-3 का हिस्सा है.

एमयूटीपी-3 की से अलग उपनगरीय रूट का बोझ कम करने के लिए विरार-वसई-लिंक परियोजना बनाई गई थी. एमआरवीसी ने प्रबंधन निदेशक प्रभात सहाय के अनुसार इस प्रकल्प पर सबसे पहले काम शुरू होने की उम्मीद है. इस प्रकल्प को नीति आयोग से मंजूरी मिल गई है, लेकिन केंद्र सरकार की मंजूरी का अब भी इंतजार है. यह प्रकल्प केंद्र और राज्य सरकार की 50-50 प्रतिशत की भागीदारी से पूरा किया जाएगा. इसमें अन्य भागीदार के तौर पर स्थानीय निकाय और प्राइवेट कंपनी भी जुड़ सकती है.

14,561 करोड़ का सीएसटी-पनवेल एलिवेटेड कॉरिडोर : इस प्रकल्प को 2009-10 में प्रपोज किया गया था. मकसद था हार्बर लाइन पर तेज लोकल चलाना. पिछले 5 वर्षों में हर साल, हर मंत्री ने इस प्रॉजेक्ट के प्रारूप की घोषणा ही की है. हाल ही में मुंबई रेलवे विकास निगम (एमआरवीसी) ने इस प्रकल्प के लिए फिर से नए ब्लू प्रिंट के साथ केंद्र को प्रस्ताव भेजा है. इस प्रकल्प का काम शुरू होने के बाद 6 साल बाद बनकर तैयार होगा.

19,052 करोड़ का बांद्रा-विरार ऐलिवेटेड कॉरिडोर के इस प्रकल्प का प्रस्ताव सबसे पहले वर्ष 2007 के रेल बजट में तत्कालीन रेलमंत्री लालू प्रसाद यादव ने दिया था. पिछले दस वर्षों में दर्जनों बार घोषणाएं और फेरबदल हुए हैं.