पद्मभूषण राम सुतार भारत के अनमोल ‘कोहिनूर’

देश को गौरवान्वित करनेवाला काम उन्होंने किया - सुधीर मुनगंटीवार

Min Sudhir Mungantiwar with Ram Sutar 1

मुंबई :- आंतरराष्ट्रीय शिल्पकार पद्मभूषण राम सुतार भारत के कोहिनूर है. हमारे पास का यह ‘कोहिनूर’ अनमोल है, उन्होंने अपने कला से भारत देश गौरव में बढ़ोतरी करने का काम निरंतर किया है, ऐसा गौरवोद्गार अर्थमंत्री सुधीर मुनगंटीवार ने निकाला.

श्री. मुनगंटीवार के हाथों पद्मभूषण राम सुतार का कल सम्मान किया गया. इस समय वे बोल रहे थे. कार्यक्रम में विधायक मंगलप्रभात लोढा, अनिल सुतार, श्रीमती सीमा रामदास आठवले, श्रीमती मंजू मंगलप्रभात लोढा समेत अन्य गणमान्य उपस्थित थे.

राम सुतार ने विश्व का सबसे बड़ा सरदार वल्लभभाई पटेल का “स्टॅच्यू ऑफ युनिटी” का पुतला बनाकर भारत की ऊंचाई विश्व में बढ़ाई है, ऐसा बताकर श्री. मुनगंटीवार ने कहा कि, आज तक श्री. सुतार ने जो पुतले निर्माण किए हैं, उन्हें केवल हाथों से नहीं बल्कि हृदय से बनाए हैं. इसलिए वे पुतले हमसे संवाद करते हैं. यह ईश्वरीय देन उन्हें प्राप्त हुई है. उम्र के 93 वे साल में भी उनका उत्साह और उनके हाथ की कला हमारे लिए प्रेरणादायक है. समाज को सुंदर बनानेवाले ऐसे व्यक्तियों का जब सम्मान किया जाता है तब अन्य कलाकारों को उससे प्रेरणा मिलती है. अब वे अयोध्या में श्रीराम का पुतला बनानेवाले है. राम सुतार आंतरराष्ट्रीय कीर्ति के शिल्पकार हैं. महाराष्ट्र के इस सुपुत्र का सम्मान करते समय बड़ा आनंद हो रहा है, ऐसा भी श्री. मुनगंटीवार ने कहा.

सत्कारमूर्ति राम सुतार ने अपने भाषण में कहा कि, हाथ की यह कला विश्वकर्मा की देन है. मेरे इस काम की मिल रही सराहना निश्चित ही प्रेरणादायक है. मैं 1947 से यह काम कर रहा हूँ, ऐसा उन्होंने बताया. सरदार वल्लभभाई पटेल का विश्व में सबसे बड़ा पुतला निर्माण करने का अवसर मिला, यह मेरा भाग्य है, ऐसा भी उन्होंने कहा.

कार्यक्रम में श्रीमती आठवले और श्रीमती लोढा ने भी अपने विचार व्यक्त किए. राम सुतार के पुत्र अनिल सुतार का भी अर्थमंत्री के हाथों सम्मान किया गया.