कोई वंचित नहीं होता, जो बोलता वह बुजदिल है: उदयनराजे भोसले

Udayanraje Bhosale

सातारा: वंचित का मतलब क्या है? इस बारे में मेरा एक सवाल है. इस लोकतंत्र में हर कोई एक जैसा है। कोई भी किसी से दूर नहीं रह पाएगा। इसका सिर्फ राजनीति के लिए दुरुपयोग हो रहा है. सतारा में जय भीम महोत्सव का उद्घाटन राकांपा सांसद उदयनराजे भोसले ने किया था. इस समय उदयनराजे बोल रहे थे. इस कार्यक्रम में बड़ी संख्या में कई कार्यकर्ता उपस्थित थे.

उदयनराजे ने कहा ” इसके अलावा, जो लोग खुद को वंचित समझते हैं, वे लोग मेरे हिसाब से बुजदिल हैं. कोई वंचित नहीं रह सकता. किसी को भी किसीके अधिकार पर हमला करने का हक़ नहीं ही. किसी को वंचित नहीं किया जाना चाहिए.” उन्होंने कहा ” भविष्य में अपने अधिकार से कैसे आगे बढ़ सकते है इस्पे विचार करने की जरुरत है.”

उन्होंने कहा ” चुनावों के दौरान, चुनावों में नेतृत्व की कमी थी. मेरा एक सवाल था कि वंचित होने का मतलब क्या है, और इस लोकतंत्र से वंचित हर कोई एक ही क्यों है. किसी को वंचित नहीं किया जाएगा, हर कोई समान है.”