आईएनएस बेतवा को उठाने के लिए नहीं है क्रेन

मुंबई : भारतीयदल नौसेना के युद्ध पोत बेतवा के दुर्घटनाग्रस्त होने के एक दिन बाद भी नौसेना अधिकारी अब तक इसे ठीक करने के तरीके को खोज नहीं पाए हैं. इस युद्धपोत के एक तऱफ झुक जाने की वजह से हुई दुर्घटना में दो लोगों की मौत और २२ लोग घायल हो गए थे. अब इसको फिर से सीधा खड़ा करने के लिए विदेशों से विशेषज्ञ बुलाए जाने पर विचार किया जा रहा है.

भारतीय नौसेना के पास इस वक्त ऐसा क्रेन उपलब्ध नहीं है, जिसकी मदद से ३,८५० टन वजन के आईएनएस बेतवा को उठाया जा सके। नौसेना के पास जो क्रेन उपलब्ध हैं उनसे अधिकतम १०० टन ही उठाया जा सकता है. एक वरिष्ठ नौसेना अधिकारी ने बताया कि वॉरशिप को बाहर निकालने की इस प्रक्रिया में काफी समय लगेगा. साथ ही इसमें करोड़ों रुपए भी खर्च होंगे.

मुंबई में भारतीय नौसेना के प्रवक्ता राहुल सिन्हा ने कहा, ‘नौसेना प्रमुख ऐडमिरल सुनील लांबा ने डॉकयार्ड का मुआयना किया है. पूरे घटनाक्रम के बारे में उन्हें विस्तार से बताया गया है. नौसेना प्रमुख ने घायलों से अस्पताल जाकर मुलाकात की और उनका हालचाल लिया.’ नौसेना प्रवक्ता ने जानकारी दी कि कुछ विशेषज्ञ सात दिसंबप तक पहुंच सकते हैं. जिसके बाद अगले दो दिनों में शुरुआती कदम उठाए जाएंगे. सिन्हा ने यह भी कहा, ‘भारतीय नौसेना जल्द से जल्द आएनएस बेतवा को फिर से खड़ा कर देगी. कम से कम समय में फिर से वॉरशिप को उपयोग लायक बनाने की हमारी कोशिश रहेगी.’

भारतीय नौसेना, दिल्ली के प्रवक्ता कैप्टन डी के शर्मा ने कहा, ‘बुधवार को विशेषज्ञ क्षति का मुआयना करने के लिए पहुंच रहे हैं. दुर्घटना के कारणों की पड़ताल के लि जांच समिति का गठन किया गया है. ऐडमिरल दीपक बाली उसकी अध्यक्षता करेंगे.’