एम.टी. इक्स्क्लूसिव : ठाणे आयुक्त ने पब्लिक गार्डन की जमीन भी बिल्डर को फ्री में दि

Thane Municipal Commissioner Sanjeev Jaiswal

ठाणे : ठाणे के आदिवासियों से अधिगृहीत औद्योगिक उपयोग की भूमि अावासीय प्रकल्प के लिए मंजूर करने का मामला राज्य के राजनीतिक हलकों सहित अफसरों के बीच भी गर्मागर्म चर्चा का विषय बन गया है. महाराष्ट्र शासन इस गंभीर किस्म की हेराफेरी कर गरीब आदिवासियों को उनसे हक से वंचित करने और बिल्डरों की मदद करने के लिए ठाणे के मुहजोर मनपा आयुक्त संजीव जायस्वाल के विरुद्ध कार्रवाई करने ही वाली है.

आदिवासियों से संबंधित औद्योगिक भूमि को आवासीय भूमि के रूप में बदल कर मंजूर करने का मामला तो नागपुर के शीतकालीन अधिवेशन में विधान परिषद में भी प्रमुखता से विपक्ष के नेता धनंजय मुंडे ने और वरिष्ठ पीडब्ल्यूपी नेता जयंत पाटिल एवं निरंजन डावखड़े द्वारा उठाया जा चुका है.

इसके अलावा भी अन्य गड़बड़ियों के बारे में बताया जा रहा है. इस मामले में कुछ निम्नलिखित गड़बड़ीया भी पाई गई हैं :

** ठाणे जिले के घोड़बंदर रोड स्थित मौजा कोलशट के खसरा नं. 114/4, 115/2 और 99(2) के तहत 51659 वर्ग मीटर भूमि सरकार ने केवल औद्योगिक उपयोग के लिए अधिगृहीत की थी.

** डेवलपर द्वारा इस भूमि के खरीदने के आग्रह को राजस्व मंत्री ने (विधि व न्याय विभाग की रिपोर्टों के आधार पर) 23.11.2015 को खारिज कर दिया था.

** किन्तु एडि. कलेक्टर ने अपने आदेश सं. 84/ 2015 दिनांक 22/09/2015 के तहत कानून के बुनियादी सिद्धांत का उल्लंघन कर राजस्व मंत्री और ठाणे के तहसीलदार के आदेश को विरुद्ध डेवलपर के पक्ष में फैसला दे दिया.

** उस जमीन के विक्रय की सरकार से बिना पूर्व स्वीकृति के डेवलपर को उसे बेचने के लिए, भूमि को आदिवासी भूमि से गैर आदिवासी भूमि में बदलने की और औद्योगिक भूमि का जोन बदल कर आवासीय भूमि में परिवर्तित करने की पर्मिशन के बैगर डेवलपर को दीं. 11/01/2016 को डिवेलप्मेंट पर्मिट और आवासीय प्रकल्प शुरू करने का प्रमाण पत्र (commencement certificate) 24/02/2016 को दे दिया और इससे राज्य सरकार को “करोड़ों के राजस्व” का नुकसान हूँआ.

** साथ ही गैर कानूनी ढंग से डेवलपर को ठाणे मनपा के सार्वजनिक उद्यान की लगभग 1.5 एकड़ भूमि आवासीय प्रकल्प के लिए मुफ्त एफएसआई (चटाई क्षेत्र) बढ़ाकर उसे आयुक्त जायस्वाल ने दे दिया.

** घोटाले का इसमें नायाब तरीका अपनाते हुए अपनाते हुए कुल क्षेत्रफल (एरिया) 51659 वर्ग मीटर में से केवल बिल्डिंग नं. 3 के 540 वर्ग मीटर प्लिन्थ एरिया पर रोक लगाते हुए बाकी भूमि को बेचने की अनुमति दे दी गई.

** ठाने के एक बड़े नेता ने अपना नाम न आने देने की शर्त पर बताया कि “जयसवाल अपने आप को मुख्यमंत्री का नज़दीकी बताता हैं , इस वजह से जायस्वाल की दहशत ठाणे के सभी शासकीय अधिकारियों व पुलिस विभाग पर इस कदर हावी है कि हर कोई उसकी बात टालने की भी जुर्रत नहीं करता. हाल ही में जायस्वाल ने एक पुलिस सब इंस्पेक्टर को सत्यम लॉज के कमरों ढहाने कि गिनतीं के बारे में ‘आदेश’ नहीं मानने पर उसकी तुरंत बदली करा दी थी. हाली में उसने अपने निजी बाउंसरों से मांजीवाड़ा रोड के एक कार डीलर को भी पिटवा दिया था, जिसकी शिकायत पुलिस ने आज तक दर्ज नहीं की है. ”

जायस्वाल का कारनामा उस वक्त भी सुर्खी बनी थी, जब वे नागपुर मनपा में नियुक्त थे. वहां उन्होंने टीडीआर का बड़ा घोटाला किया था. इस मामले में उनके विरुद्ध आपराधिक केस भी दर्ज हुआ था.