पे-टीएम को महा-वैलेट की चुनौती

नागपुर: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के आह्वान पर महाराष्ट्र शासन कैशलेस व्यवहार के लिए पे-टीएम जैसे ई-वैलेट का पर्याय सरकारी ‘महा वैलेट’ नाम का ई-वैलेट लाने जा रहा है.

अब तक देश में इस प्रकार का सरकारी ई-वैलेट और किसी अन्य सरकार ने नहीं लाया है. देश के पहले इस सरकारी ‘महा वैलेट’ में पैसे पूर्णत: सुरक्षित रहेंगे. डेबिट कार्ड, क्रेडिट कार्ड, आधार कार्ड जैसे कार्ड के माध्यम से पेमेंट किया जाएगा.

नोटबंदी के कारण इससे एटीएम के बाहर कतार लगाने की भी जरूरत नहीं रहेगी. इससे कैशलेस व्यवहार करना संभवत हो जाएगा. सरकार की ओर से भी कैशलेस व्यवहार के लिए प्रोत्साहन दिया जा रहा है. इस कारण ‘महा वैलेट’ ई-वैलेट महत्त्व की भूमिका निभा सकता है.

वित्तमंत्री सुधीर मुगंटीवार ने कहा, ‘मैंने सूचना प्रौद्योगिकी विभाग से कहा है कि वह इस संबंध में एक रपट (प्रस्ताव पर आधारित) बनाकर मुझे 15 दिन के भीतर सौंपे.’ मंत्री ने कहा, ‘महा वॉलेट एक सुरक्षित ई-सेवा होगी, जहां नागरिकों का पैसा सुरक्षित रहेगा. हम एक ऐसी प्रणाली पर काम कर रहे हैं, जिसके तहत राज्य की 11.97 करोड़ जनसंख्या में हर एक की जरूरत को पूरा किया जा सके.’

नोटबंदी के फैसले के बाद से ही लोगों को हो रही कैश कि किल्लत को कम करने के लिए महाराष्ट्र सरकार महा वॉलेट लाने की तैयारी में है। दरअसल सरकार का उदेश्य कैशलैस ट्रांजैक्शन को बढ़ावा देने का है।

आईटी विभाग का प्रस्ताव कई बातों का ध्यान रखेगा। इसमें नेट बैंकिंग का इस्तेमाल करने में वाले लोगों और इसे इस्तेमाल नहीं कर सकने वाले लोगों का भी ख्याल रखा जाएगा। साथ ही, स्मार्टफोन और फीचर फोन इस्तेमाल करने वालों, मोबाइल का उपयोग नहीं करने वालों के अलावा उन लोगों का भी ध्यान रखा जाएगा जो तकनीक का इस्तेमाल नहीं कर पाते हैं।

राज्य के वित्तमंत्री ने कहा, ‘हम यह सुनिश्चित करना चाहते हैं कि महा-वॉलेट की यह व्यवस्था छोटे विक्रेताओं, किसानों और नकद पैसों का इस्तेमाल करने वाले लोगों की मदद कर सके।’ इस प्रस्ताव में यह भी शामिल किया जाएगा कि उपभोक्ता महा-वॉलेट में कितना पैसा जमा कर सकेंगे। साथ ही यह भी देखा जाएगा कि कितने लोगों के पास बैंक खाता है और कितने लोग क्रेडिट व डेबिट कार्ड का इस्तेमाल करते हैं।

ये सभी आंकड़े भी जमा किए जाएंगे। मुंगंतीवार ने बताया, ‘हमारी कोशिश एक कैशलेस व्यवस्था विकसित करने की है। हम जानते हैं कि नकद का इस्तेमाल बिल्कुल खत्म कर देना मुश्किल काम है। हम ऐसा सिस्टम बनाना चाहते हैं जहां लोगों को कम नकद साथ रखना पड़े।’

उन्होंने यह भी कहा कि जैसे ही आईटी विभाग उन्हें प्रस्ताव तैयार करके देगा, यह मामला आगे की कार्रवाई के लिए मुख्यमंत्री के पास ले जाया जाएगा। केंद्र सरकार की ओर से कैशलेस सोसाइटी को बढ़ावा देने के लिए जो समिति बनाई गई है, उसमें देवेंद्र फडणवीस भी सदस्य हैं। हाल ही में बाकी सदस्यों के साथ हुई एक बैठक के दौरान उन्होंने कहा था कि किसानों, मजदूरों, असंगठित क्षेत्र के श्रमिकों और छोटे विक्रेताओं की जरूरतों को सबसे ज्यादा तवज्जो दी जानी चाहिए।