महाराष्ट्र: शिवसेना की ब्लैकमेलिंग से परेशान बीजेपी मिला सकती है एनसीपी से हाथ

मुंबई: महाराष्ट्र में शिवसेना की ब्लैकमेलिंग से परेशान भारतीय जनता पार्टी अब शरद पवार की एनसीपी के साथ रिश्ता जोड़ने की तैयारी में है। एक हिंदी अखबार के अनुसार महाराष्ट्र की राजनीति में कुछ बड़े नेताओं ने एनसीपी के बीजेपी में विलय करने का प्रयास भी शुरू कर दिया है। अखबार ने सूत्रों के हवाले से यह भी दावा किया है कि शरद पवार के सहयोगियों ने उन्हें अगला राष्ट्रपति बनाने की शर्त रखी है।

बहरहाल, ऐसी भी खबर सामने आ रही है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शरद पवार को राष्ट्रपति बनाने की मांग को स्वीकार नही किया है। इसके अलावा राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ ने भी इस मुद्दे पर अपना रुख स्पष्ट नही किया है। बीजेपी के लिए संघ का रुख काफी अहम होता है।

शिवसेना केंद्र और महाराष्ट्र में बीजेपी के साथ है मगर समय-समय पर सरकार से समर्थन वापस लेने की धमकी देती है। महाराष्ट्र में हुए निकाय चुनावों के दौरान महाराष्ट्र में शिवसेना के मंत्रियों ने इस्तीफा जेब में लेकर घूमने की बात कही गई थी। तब कहा गया था कि निकाय चुनाव के बाद बीजेपी सरकार से समर्थन वापस लिया जाएगा। किसानों के क़र्ज़ माफ़ी को लेकर भी शिवसेना ने बीजेपी के खिलाफ सदन और बाहर मोर्चा खोल रखा है।

बात की जाए एनसीपी की तो वह पहले भी बीजेपी का समर्थन कर चुकी है। साल 2014 में हुए महाराष्ट्र विधानसभा चुनावों के बाद बीजेपी सबसे बड़ी पार्टी बनी थी मगर उनके पास सरकार बनाने के लिए बहुमत नहीं था। तब एनसीपी के समर्थन से ही देवेंद्र फडणवीस मुख्यमंत्री की कुर्सी पर विराजमान हुए थे।