नेरुळ-उरण उपनगरीय रेल सेवा का शुभारंभ

एकत्रित विकास के लिए 'महामुंबई' का विचार - मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस

रायगड : प्राचीन समय में नदियों के किनारे मानवीय संस्कृति का विकास हुआ। आज आधुनिक जीवन के संदर्भ देखेंगे तो जहां-जहां पर संचार एवं सुविधाओं की उपलब्धता है वहां पर संस्कृति का विकास होगा। मुंबई, नई मुंबई, एमएमआरडीए के अंतर्गत आनेवाले सभी क्षेत्रों में अधिक गति से निर्माण होनेवाली सभी सुविधाओं का रायगड जिले तक होनेवाले विकास को मध्यनजर रखते हुए इसका ‘महामुंबई’ के दृष्टि से विचार करना चाहिए, इसके लिए सरकार विकास को बढ़ावा और नीतियों का प्रयास कर रही है। यह प्रतिपादन राज्य के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस इन्होंने आज खारकोपर तहसील पनवेल यहां किया।

नेरुळ से उरण रेल मार्ग के पहले टप्पे की उपनगरीय रेल सेवा आज खारकोपर यहां तक शुरू हुई। इस सेवा का उद्घाटन समारोह आज खारकोपर यहां मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस के हाथों तथा रेल एवं कोयला मंत्री पियुष गोयल के उपस्थिति में संपन्न हुआ।

विभिन्न सेवाओं का लोकार्पण

इस अवसर पर नेरुळ सीवूडस दारावे /बेलापूर – खारकोपर (फेज 1) नई लाईन और पनवेल-पेन विद्युतीकरण कार्य का उद्घाटन, बेलापूर /नेरुळ – खारकोपर विभाग के ई एम यु सेवा का उद्घाटन, वसई रोड – दिवा – पनवेल – पेण विभाग के मेमू सेवा का उद्घाटन, उंबरमाली एवं थानसीत यहां नई उपनगरीय स्थानीय नींव का निर्माण और परळ स्टेशन पर नया प्लॅटफॉर्म, शिवडी, मुंब्रा, भांडूप, परळ, कळवा, घाटकोपर यहां नये ओव्हरब्रिज, सभी 273 उपनगरीय रेल स्थानकों की ऊंचाई 900 मिमी से बढाई, 23 स्थानकों पर 41 एक्सलेटर्स, 6 स्थानकों पर 10 लिफ्ट, 6 स्थानकों पर नये शौचालय, 77 स्थानकों पर 318 एटीव्हीएम सुविधाएं, 6 स्थानकों पर 206 सीसीटीवी कैमरों की सुविधा, भिवंडी रोड – नावडे रोड यहां 2 नये बुकिंग अॉफिसेस, सानपाडा ईएमयू कारशेड यहां 1 मेगावॅट सौरऊर्जा प्रकल्प इन के साथ विभिन्न लोकोपयोगी सुविधाओं का लोकार्पण किया गया।

मान्यवरों की उपस्थिति

खारकोपर रेल स्थानक के परिसर में आयोजित इस समारोह में मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस, रेल एवं कोयला मंत्री पीयूष गोयल के साथ-साथ केंद्रीय भारी उद्योग मंत्री अनंत गीते, केंद्रीय सामाजिक न्याय व अधिकारीता राज्यमंत्री रामदास आठवले, राज्य के शिक्षा मंत्री विनोद तावडे, बंदरगाह, खाद्य एवं नागरी अपुर्ति राज्यमंत्री और रायगड जिले के पालकमंत्री रवींद्र चव्हाण, सिडको अध्यक्ष तथा विधायक प्रशांत ठाकूर, सांसद श्रीरंग बारणे, राजन विचारे, अरविंद सावंत, विधायक संदीप नाईक, मंदाताई म्हात्रे, मनोहर भोईर, रमेश पाटील, जेएनपीटी के विश्वस्त महेश बालदी, कोकण विभागीय आयुक्त डॉ. जगदीश पाटील, सिडको के व्यवस्थापना संचालक लोकश चंद्र, मध्य रेल के महाप्रबंधक डी. के. शर्मा, मुख्य प्रशासकीय अधिकारी (निर्माण) एस के तिवारी, मुख्य जनसंपर्क अधिकारी सुनील उदासी, नई मुंबई के मेयर जयवंत सुतार, पनवेल के मेयर कविता चौतमोल, रायगड जिलाधिकारी डॉ. विजय सूर्यवंशी, पूर्व सांसद रामशेठ ठाकूर, लोकनेता दी. बा. पाटील के सुपुत्र अतुल पाटील, साथ ही रेल, सिडको प्रशासकीय अधिकारी एवं स्थानीय लोग बडी संख्या में उपस्थित थे।

रिमोट कंट्रोल एवं विडियो लिंक के माध्यम से लोकार्पण

इस समय रिमोट कंट्रोल के माध्यम से विभिन्न सेवाओं का लोकार्पण मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस के हाथों किया गया। और साथ ही विडियो लिंक के द्वारा हरी झंडी दिखाकर दिवा-पनवेल – पेण विभाग के मेमू सेवा का उद्घाटन किया गया। साथ ही साथ लिंक द्वारा हरी झंडी दिखाकर खारकोपर – बेलापूर लोकल रेल सेवा भी शुरू की गई।

पनवेल होगा महत्वपूर्ण टर्मिनस

इस अवसर पर मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस इन्होंने, समय अवधि के पहले प्रकल्प पूरा करने पर संतोष व्यक्त करते हुए सिडको, रेल विभाग का अभिनंदन किया। उन्होंने कहा कि, मुंबई के साथ कोकण का विकास करते हुए अब महामुंबई के बारे में सोचना चाहिए, एमएमआरडीए के अंतर्गत आनेवाले क्षेत्र मुंबई, नई मुंबई, इस का एकत्रित विचार करना होगा। उन्होंने कहा कि, सन. 2014 के बाद राज्य में रेल मार्गों को मंजूरी, दोहरीकरण, विद्युतीकरण इस कार्यों को केंद्र की ओर से मंजूरी मिलने से यह कार्य तीव्र गति से हो रहे हैं। इसके कारण रेल यात्रियों की सेवापूर्ति को लेकर बड़े पैमाने पर कार्य हो रहे है। नई मुंबई के दक्षिण क्षेत्र में इस विकास की गति रायगड जिले में हो रही है इस दृष्टि से पनवेल यह महत्वपूर्ण टर्मिनस साबित हो रहा है और उसी को लेकर हम कार्य कर रहे हैं। इस परिसर में मेट्रो, उपनगरीय रेल सुविधा और ट्रान्स हार्बर लिंक के नजरिये से विकास करने के लिए केंद्र की ओर से राज्य के विकास के लिए 12 हजार 167 करोड़ रुपये के विकास प्रकल्पों के सुविधाओं को मंजूरी मिल गई है। इसमें 50 प्रतिशत केंद्र और 50 प्रतिशत राज्य सरकार योगदान देनेवाले हैं। इसमें छत्रपति शिवाजी महाराज टर्मिनस से पनवेल के उन्नत रेल मार्ग का निर्माण किया जाएगा। इस विस्तार को लेकर होनेवाले नैनु प्रकल्प की दृष्टि से समग्र सुविधाओं की प्रकल्प प्रतिकृति को तैयार किया गया है। इसमें 360 डिग्री संचार सुविधाओं के निर्माण के लिए नीतियों को तैयार किया जा रहा है। नई मुंबई हवाई अड्डे का निर्माण भी इसी दृष्टि से हो रहा है। इस जगह पर रेल सेवाओं को तैयार करते हुए सिडको के माध्यम से रेल स्थानक के नजदीक 40 हजार घरों के निर्माण का नियोजन किया गया है और नजदीकी इलाके में 2 लाख घरों के निर्माण का नियोजन किया गया है। रहने की सुविधा अगर स्थानक के नजदीक हो तो सामूहिक संचार की सुविधाओं का इस्तेमाल बढता है, यह प्रतिपादन मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस इन्होंने आज यहां किया।

प्रकल्पग्रस्तों की समस्या सुलझाने के लिए प्राथमिकता

उन्होंने आगे कहा कि, यह विकास कार्य करते हुए प्रकल्प ग्रस्तों की समस्याओं को लेकर सरकार प्रयास कर रही है। ‘जिन्होंने जगह दी इस लिए नई मुंबई की नींव रखी गई’ उनके सर्वांगीण विकास के लिए सरकार प्रयास कर रही है। उनके मांगो के अनुरूप क्लस्टर के तौर पर विकास का प्रयास हो रहा है। यह कार्य समय पर पूरा करने के लिए सरकार प्रयास कर रही है, यह प्रतिपादन मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस इन्होंने आज यहां किया।

यात्रियों की सुविधा के लिए क्षमता विकास – रेलमंत्री पियुष गोयल

रेलमंत्री पियुष गोयल ने कहा कि, केंद्र और राज्य मिलकर विकास का डबल इंजन कार्य कर रहा है। इस लिए गति से विकास हो रहा है। दिवा पेण रेल मार्ग के विद्युतीकरण का कार्य 9 महिने से पहले ही पूरा किया है। महामुंबई क्षेत्र के लोगों के लिए और रेल यात्रियों के लिए सुविधा देने के लिए रेल क्षमता विकास कर रही है। केंद्र और राज्य की ओर से हो रहे कार्य पर श्री. गोयल इन्होंने संतोष व्यक्त किया। उन्होंने आगे कहा कि, रेल यात्रियों की सुविधा के लिए 200 नई वातानुकूलित रेल गाडीयोंकी उपलब्धता जल्द ही की जाएगी। मुंबई और नई मुंबई के छात्रों के लिए शिक्षा सुविधाओं के लिए रेल सेवा का महत्वपूर्ण कार्य रहेगा, यह भी उन्होंने बताया। हम सब मिलकर रेल सुविधाओं का विकास करेंगे, यह एलान उन्होंने उपस्थित लोगों को किया।

मुंबई के साथ रायगड का ‘महामुंबई’ के तौर पर विकास करें-अनंत गिते

केंद्रीय भारी उद्योग मंत्री अनंत गिते इन्होंने कहा कि, उपनगरीय रेल सुविधाओं का विकास करते हुए इसमें रायगड जिला और साथ ही कोकण का समावेश हो रहा है यह संतोष की बात है। यह रेल सेवा आज पेण तक हो रही है किंतु आनेवाले परिवेश में यह सेवा रोह्या तक शुरू करने की तैयारी पूरी हो गई है, यह भी श्री. गिते इन्होंने बताया। उन्होंने कहा कि, यह सुविधा अलिबाग तक शुरू करने के हमारे प्रयास हैं। वडखळ से अलिबाग के रस्ते का चौपदरीकरण का कार्य शुरू है। इस संचार के कार्य से सभी परिसर का एकसंघ विकास होगा और उस विकास खारकोपर यह केंद्र होगा। आगे कहा कि, रेल सबसे सस्ती जलद सुविधाओं को उपलब्ध कर देने से ‘महामुंबई’ का विकास हो रहा है। इस विकास के कार्यों को लेकर उन्होंने रेलमंत्री और मुख्यमंत्री के आभार व्यक्त किए। उन्होंने यह भी कहा कि पनवेल के विस्तार के लिए सिडको भी आगे आए।

केंद्रीय सामाजिक न्याय राज्यमंत्री रामदास आठवले इन्होंने अपनी शैली में भाषण करते हुए कहा कि, विकासों के कार्य करते हुए प्रकल्प ग्रस्तों को न्याय देना सरकार की नीति रही है।

सिडको के अध्यक्ष प्रशांत ठाकूर इन्होंने कहा कि, उलवे नोड परिसर की आज सही मायने में दिवाली है। आगे यह भी कहा, संचार सुविधाओं का विकास करते हुए प्रकल्प ग्रस्तों की समस्या सुलझाने के लिए सरकार प्राथमिकता दे रही है। कार्य की गति और दर्जा इस लेकर अभिमान हो इस तरह का सिडको का कार्य है। नई मुंबई के हवाईअड्डे का कार्य भी हम इस गति से पूरा करेंगें, यह भी ठाकुर इन्होंने व्यक्त किया।

कार्यक्रम का प्रास्ताविक सिडको के व्यवस्थापना संचालक लोकेश चंद्र इन्होंने किया तथा मध्यरेल के महाप्रबंधक डी. के. शर्मा इन्होंने स्वागतपर विचार व्यक्त किए। चीफ अडमीन ऑफिसर एस. के. तिवारी इन्होंने आभार प्रदर्शित किए।

इस समय पर उपस्थित मान्यवरों के हाथों प्रकल्प निर्माण के लिए कार्य करनेवाले अधिकारियों का सम्मान किया गया। इस कार्यक्रम को बड़ी संख्या में परिसर के लोग उपस्थित थे।

cm-kharkopar

महत्वपूर्ण मुद्दे :-

  • नेरुळ से खारकोपर मार्ग पर कल सोमवार दि.12 से नियमित सेवा शुरू होगी।
  • नेरुळ – खारकोपर – नेरुळ और बेलापूर – खारकोपर – बेलापूर यह अप और डाऊन कुल 20 – 20 फेरीयां हर दिन होगी।
  • नेरुळ से निकलनेवाली रेल सीवूडस-दारावे, बामणडोंगरी, खारकोपर इन स्थानकों पर रुकेगी।
  • साथ ही बेलापूर यहां से निकलनेवाली रेल बामणडोंगरी, खारकोपर इस मार्ग से जाएगी।
  • नेरुळ सीवूडस/बेलापूर – उरण रेल मार्ग की विशेषता
  • दक्षिण नई मुंबई का विकास जलद होने के लिए यह मार्ग सिडको द्वारा विकसित किया गया, इस दोहरे रेलमार्ग की दूरी 27 मील और प्रकल्प का खर्च सिडको 67 प्रतिशत और रेल 33 प्रतिशत
  • टप्पा 1. सीवूडस से खारकोपर और बेलापूर से सागर संगम 12 मील।
  • टप्पा 2. खारकोपर_गव्हाण_रांजणपाडा-न्हावाशेवा_द्रोणागिरी_उरण 15 मील।
  • कुल स्थानक 10
  • पहले टप्पे में 5 तथा दूसरे टप्पे 5 स्थानकों का निर्माण।
  • दोन्हो दिशाओं से चढने और उतरने के लिए 270 मी ऊंचाई के प्लॅटफॉर्म।
  • 4 रोड ओव्हर ब्रीज।
  • 15 पुल के नीचे के रास्ते।
  • 4 बड़े पुल।
  • 78 छोटे पुल।
  • 1 पुल के नीचे का रेल मार्ग।
  • दूसरा टप्पा दिसंबर 2019 तक पूरा होगा।