चंद्रयान-2 मॉड्यूल से लॅण्डर ‘विक्रम’ हुआ अलग

Chandrayaan-2

चंद्रयान-2 के मॉड्यूल से लॅण्डर ‘विक्रम’ सफलतापूर्वक अलग हो गया। इसरो ने ट्वीट कर इसकी पुष्टि की। इसरो के अनुसार, भारतीय समयानुसार आज लॅण्डर विक्रम दिन में करीब 1 बजकर 35 मिनट पर सफलतापूर्वक अलग हो गया।


बेंगलुरु : चंद्रयान-2 के मॉड्यूल से लॅण्डर ‘विक्रम’ सफलतापूर्वक अलग हो गया। इसरो ने ट्वीट कर इसकी पुष्टि की। इसरो के अनुसार, भारतीय समयानुसार आज लॅण्डर विक्रम दिन में करीब 1 बजकर 35 मिनट पर सफलतापूर्वक अलग हो गया।

उल्लेखनीय है की वैज्ञानिकों ने शिंवर को हुई उच्च स्तरीय बैठक के बाद लॅण्डर विक्रम के अलग होने के लिए जो समय निर्धारित किया था, उसी समय पर अलगाव सफलतापूर्वक हुआ। आज निर्धारित समय के करीब ही दोपहर 1 बजकर 35 मिनट पर यह लैंडर विक्रम अलग हुआ। चंद्रयान-2 अब चंद्रमा कीपाँचवी कक्षा में प्रवेश कर चुका है।

इसरो के चेयरमैन के. सिवन ने बताया था कि 2 सितंबर को होने वाला लॅण्डर सेपरेशन काफी तेज होगा। यह उतनी ही गति से होगा, जितनी गति से कोई सैटलाइट लॉन्च वीइकल से अलग होता है। इसमें करीब एक सेकंड लगेगा। इस अलगाव की प्रक्रिया में उसी तकनीक का इस्‍तेमाल किया गया है जिसका पायलट लड़ाकू विमान में खराबी आने के बाद अपनी जान बचाने के इंजेक्ट होने के लिए करते हैं।

ISRO के एक वैज्ञानिक ने बताया कि ऑर्बिटर के ऊपर लगे फ्यूल के एक्सटेंशन में लॅण्डर और रोवर रखे गए हैं जो कि क्लैंप और बोल्ट से अटैच हैं। एक स्प्रिंग के दो तरफ लॅण्डर और रोवर जुड़े हैं। जिस बोल्ट से स्प्रिंग लगा है उसे ‘कमांड’ से काट दिया जाएगा और लॅण्डर सफलतापूर्वक अलग होगा। इसके बाद विक्रम लॅण्डर लगातार नीचे चंद्रमा की सतह की ओर बढ़ता जाएगा।

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