कुमारस्वामी ने मुझे हमेशा दुश्मन समझा : सिद्धारमैया

Siddaramaiah

कर्नाटक में कांग्रेस और जनता दल सेक्युलर (जेडीएस) गठबंधन की सरकार गिरने के बाद दोनों पार्टियों के नेताओं के बीच जुबानी जंग तेज हो गई है। कांग्रेस नेता और राज्य के पूर्व मुख्यमंत्री सिद्धारमैया ने आरोप लगाया है कि कुमारस्वामी ने उन्हें दुश्मन माना और बदला लेने लगे। इसी कारण सारी परेशनियाँ शुरू हुईं।


बंगलूरू : कर्नाटक में कांग्रेस और जनता दल सेक्युलर (जेडीएस) गठबंधन की सरकार गिरने के बाद दोनों पार्टियों के नेताओं के बीच जुबानी जंग तेज हो गई है। कांग्रेस नेता और राज्य के पूर्व मुख्यमंत्री सिद्धारमैया ने आरोप लगाया है कि कुमारस्वामी ने उन्हें दुश्मन माना और बदला लेने लगे। इसी कारण सारी परेशनियाँ शुरू हुईं।

इससे पहले पूर्व प्रधानमंत्री और जेडीएस के वरिष्ठ नेता एचडी देवगौड़ा ने कहा था कि, कांग्रेस के वरिष्ठ नेताओं ने अपनी पार्टी के नेता सिद्धरमैया से विचार-विमर्श किए बिना उनके बेटे एचडी कुमारस्वामी को मुख्यमंत्री बनाने का फैसला किया इसलिए सरकार गिरी।

23 अगस्त को पूर्व प्रधानमंत्री ने सिद्धारमैया पर निशाना साधते हुए कांग्रेस आलाकमान के फैसले को गलत ठहराया था। इससे एक ही दिन पहले उन्होंने आरोप लगाया था कि कांग्रेस के कुछ मित्र गठबंधन सरकार को गिराना चाहते थे क्योंकि वे कुमारस्वामी को मुख्यमंत्री के रूप में नहीं देख सकते।

देवगौड़ा ने बंगलूरू में बीते गुरुवार को संवाददाताओं से कहा था, ‘मैंने स्पष्ट रूप से कहा है कि पाँच वर्ष मुख्यमंत्री रहे सिद्धारमैया को विश्वास में लिए बिना सोनिया गांधी और राहुल गांधी अचानक सामने आए और कहा कि कुमारस्वामी अगले मुख्यमंत्री है। यह गलत फैसला था।’

देवगौड़ा पर पलटवार करते सिद्धारमैया ने लोकसभा चुनाव के संदर्भ में कहा था कि मैंने और देवेगौड़ा ने कई निर्वाचन क्षेत्रों में प्रचार किया। उन्होंने अपनी और अपने पोतों की हार के लिए मुझे जिम्मेदार ठहराया है; उन्हें बताना चाहिए कि आखिर हमारे (कांग्रेस) उम्मीदवार क्यों हारे। इसके पीछे क्या कारण थे? क्या वह उन लोगों के खिलाफ किसी भी तरह की कार्रवाई करेंगे जिन्होंने हमारे खिलाफ वोट किया था?

उल्लेखनीय है कि, कांग्रेस और जेडीएस की गठबंधन सरकार केवल 14 महीने तक चली। कांग्रेस और जेडीएस को खासकर मैसुरू क्षेत्र में एक-दूसरे का चिर प्रतिद्वंद्वी माना जाता है। 2018 का विधानसभा चुनाव दोनों ने एक दूसरे के खिलाफ लड़ा था। हालाँकि बाद में दोनों ने हाथ मिलाकर गठबंधन सरकार बना ली थी जो अपना कार्यकाल पूरा नहीं कर पाई।