फ्रांस में भारतीय सैनिकों की याद में राष्ट्रीय स्मारक !

- अगले महीने होगा उद्घाटन

National Memorial

नई दिल्ली : प्रथम विश्वयुद्ध में शहीद हुए भारत के हजारों जवानों के बलिदान को याद करने के लिए फ्रांस के विलर्स गुस्लैन में राष्ट्रीय स्मारक बनाया गया है। इस स्मारक का अगले महीने उद्घाटन किया जाएगा। अगले महीने इस विश्वयुद्ध के 100 साल पूरे होंगे।

1914 से नवंबर, 2018 के बीच लड़े गए प्रथम विश्वयुद्ध के दौरान ब्रिटिश साम्राज्य की तरफ से भारतीय सेना के 10 लाख से अधिक जवान बेल्जियम, फ्रांस, पूर्वी अफ्रीका और इराक भेजे गए थे। इनमें 74 हजार से अधिक शहीद हुए थे। प्रथम विश्वयुद्ध में भारतीय सैनिकों के योगदान को पहली बार सरकारी तौर पर याद किया जा रहा है।
राष्ट्रीय सुरक्षा और रक्षा सेवाओं से जुड़ी संस्था यूनाइटेड सर्विस इंस्टीट्यूशनल ऑफ इंडिया (यूएसआई) के सचिव स्क्वाड्रन लीडर (सेवानिवृत) राणा टीएस चिन्ना ने बताया, ‘प्रथम विश्वयुद्ध में भारतीय जवानों की भूमिका बेहद महत्वपूर्ण थी। यदि भारतीय सेना सही समय पर मदद के लिए नहीं पहुंचती तो इस युद्ध का परिणाम कुछ और होता। इतिहास में कहीं भी भारतीय जवानों के योगदान का उल्लेख नहीं है।’

मूर्तिकार राम सुतार कर रहे हैं योगदान

चिन्ना के मुताबिक, ‘स्मारक के लिए फ्रांस सरकार ने जमीन दी है और यह यूएसआई, भारतीय सेनाओं और भारत सरकार की मदद से बनाया जा गया है। स्मारक जाने माने मूर्तिकार राम सुतार तैयार कर रहे हैं। स्मारक पर अशोक चक्र के अलावा, शेर और केसरिया गेंदे के फूल है।’ विदेश में भारत का यह दूसरा राष्ट्रीय स्मारक है। पहला स्मारक बेल्जियम में मेनिन गेट के नजदीक याप्रे के परिसर में बना हुआ है। हालांकि फ्रांस में बना यह स्मारक अपनी तरह का पहला भारतीय स्मारक होगा, जो पूरी तरह भारतीय सैनिकों को समर्पित होगा। विलर्स गुस्लैन के आसपास भीषण लड़ाई हुई थी, जिसमें पहली बार टैंकों का प्रयोग किया गया था।

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