‘लोकसभा में मुझे बोलने नहीं दिया जाता’

नई दिल्ली : प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि मैंने कभी अपना नहीं, देश का भला सोचा है. मेरे देश मेरे बाद की पीढ़ियों का क्या हो, यह सोचने वाला देश है. मेरा देश का चिंतन भावी पीढ़ियों के सुख के लिए सोचने वाला है. उन्होंने कहा कि हमारे राष्ट्रपति अच्छा राजनीतिक अनुभव रखते हैं. राष्ट्रपति ने सदन की कार्यवाही पर आपत्ति जताई. मुझे लोकसभा में बोलने नहीं दिया जाता, इसलिए मैंने जनसभा में बोलने का निर्णय लिया.

नोटबंदी पर बोलते हुए मोदी ने कहा कि सवा सौ करोड़ लोगों के समर्थन के लिए शुक्रिया. सभी को शत्-शत् नमन. मैं ईमानदारों के साथ खड़ा हूं तो ईमानदारों को भड़काया जा रहा है. ७० साल तक ईमानदार लोगों को आपने लूटा.

आतंकवादियों को जहां से ताकत मिलती थी उसे रोकने में सफलता मिली है. जाली नोटों से आतंकवाद बढ़ता है. मेरी लड़ाई है आतंकवाद के खिलाफ. गरीब की ताकत बढ़ाने के लिए नोटबंदी.

८ तारीख के बाद बड़ों-बड़ों की ताकत घटी और छोटे लोगों की ताकत बढ़ी. ८ तारीख के पहले बड़ों-बड़ों की पूछ होती थी. ५००-१००० रुपए के नोट की पूछ होती थी, पर अब नहीं. ८ नवंबर से पहले १०० के नोट को कई पूछता था क्या, इसके बाद १०० के नोट की ताकत बढ़ गई.

इससे पहले गुजरात के डीसा में प्रधानंत्री नरेंद्र मोदी का खास स्वागत किया गया. उन्हें खास पगड़ी पहनाई गई. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी यहां पर दुग्ध सहकारी डेयरी संयंत्र का उद्घाटन किया.