चारा छावनियों के मवेशियों के अनुदान में वृद्धि- चंद्रकांत पाटिल

प्रति जानवर अब 100 रुपए अनुदान मिलेगा-

Chandrakant Patil

मुंबई : चारा छावनियों के मवेशियों के अनुदान में वृद्धि की गई है और प्रति जानवर अब 90 रुपये के बदले 100 रुपये अनुदान मिलेगा, यह जानकारी राजस्व मंत्री तथा सूखा निवारण उपाययोजना उपसमिति के अध्यक्ष चंद्रकांत पाटिल ने दी।

चारा छावनियों के मवेशियों के लिए जो चारा खरीदी (वैरण) की जाती है, उसका और यातायात का खर्च एवं बड़े जानवरों के लिए प्रतिदिन 18 किलो हरा चारा और सप्ताह में तीन दिन 1 किलो पशुखाद्य, वहीं छोटे जानवरों के लिए 9 किलो हरा चारा और 1 किलो पशुखाद्य दिए जाने से चारा छावनियों को दिए जा रहे अनुदान में प्रति जानवर 10 रुपए की बढ़त की गई है और अब बड़े जानवरों के लिए 100 रुपए और छोटे जानवरों के लिए 50 रुपए दर दिया जाएगा, यह जानकारी श्री. पाटिल ने दी।

श्री. पाटिल की अध्यक्षता में आज मंत्रालय में सूखा के निवारण से संबंधित उपसमिति की बैठक हुई। राज्य के सूखे की स्थिति, चारा छावणी, जल आपूर्ति, रोहयो आदि का इस बैठक में जायजा लिया गया।

बैठक में समिति के सदस्य चिकिस्ता शिक्षा मंत्री गिरीश महाजन, महिला एवं बालविकास मंत्री पंकजा मुंडे, मृद एवं जलसंधारण मंत्री प्रा. राम शिंदे, पर्यटन एवं रोहयो मंत्री जयकुमार रावल, पदुम मंत्री महादेव जानकर आदि उपस्थित थे।

श्री. पाटिल ने कहा कि वर्तमान में राज्य में 1417 चारा छावनियां शुरू है और उसमें 9 लाख 39 हजार 372 पशुधन है। इन पशुधन के लिए बड़े जानवरों के लिए प्रतिदिन 18 किलो हरा चारा और सप्ताह के तीन दिन 1 किलो पशुखाद्य और छोटे जानवरों के लिए 9 किलो हरा चारा और 1 किलो पशुखाद्य दिया जाता है। पशुधन के लिए पानी लाना, दूर से चारा लाना इसके लिए यातायात खर्च बढ़ने से चारा छावणी चालकों को दिए जा रहे अनुदान में दस रुपए की वृद्धि की गई है। केंद्र सरकार के नियमों के अनुसार बड़े जानवरों को 70 रुपए और छोटे जानवरों को 30 रुपए अनुदान है। लेकिन राज्य की स्थिति को देखते हुए अधिक (वाढीव) अनुदान दिया जा रहा है। अब तक चारा छावनियों के लिए औरंगाबाद विभाग के लिए 111 करोड़ , पुणे विभाग के लिए 4 करोड़ और नाशिक विभाग के लिए 47 करोड़ रुपये का निधि वितरित किया गया है।

श्री. पाटिल ने बताया कि राज्य के 4 हजार 331 गाँव और 9 हजार 470 बस्तियों को (वाड्यांना) 5 हजार 493 टैंकर के द्वारा जल आपूर्ति की जाती है। मांग के अनुसार टैंकर मंजूर करने के अधिकार तहसीलदारों को दिए गए है। फसल के नुकसान मुआवजा के रूप में राज्य के 67 लाख किसानों को 4 हजार 412 करोड़ रुपए वितरित किए गए है। सभी जिले के पालकमंत्रियों को जिले में दौरे करने की सूचना की गई थी। उनके दौरे के बाद आए हुए सुझावों एंव सूचनाओं पर विचार करते हुए निर्णय लिया जा रहा है।

इस बैठक में जल आपूर्ति एवं स्वच्छता विभाग के अपर मुख्य सचिव श्यामलाल गोयल, वित्त विभाग के प्रधान सचिव राजगोपाल देवरा, पशु संवर्धन विभाग के प्रधान सचिव अनुप कुमार, कृषि एवं जलसंधारण विभाग के सचिव एकनाथ डवले, मदद एवं पुनर्वसन विभाग के सचिव किशोर राजेनिंबालकर आदि उपस्थित थे।