20 हजार गांवों को देंगे शुद्ध पानी-मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस

Hon CM at Bhumipujan Prog Wardha 3
  • • 28 करोड़ रुपयों की जलापूर्ति योजना का भूमिपूजन
  • • 80 स्थानों पर वाईफाई सुविधा आरंभ

वर्धा : प्रत्येक गांवों में , प्रत्येक घर में शुद्ध पानी दिलाने का प्रयास राज्य सरकार द्वारा किया जा रहा है. 15 सालों से रुकी हुई ग्रामीण पेयजल योजनाओं के लिए केंद्र सरकार द्वारा 8 हजार करोड़ रुपयों का प्रारूप तैयार करवाया हैं. इससे राष्ट्रीय एवं मुख्यमंत्री ग्रामीण पेयजल योजना के माध्यम से राज्य के 20 हजार गांवों में पीने का शुद्ध पानी दिया जाएगा, ऐसा प्रतिपादन मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने किया.

मुख्यमंत्री ग्रामीण पेयजल कार्यक्रम के अंतर्गत पिपरी मेघे और 13 गांवों में अतिरिक्त जलापूर्ति योजना का भूमिपूजन सावंगी मेघे में मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस के हाथों किया गया. इस समउ श्री फडणवीस बोल रहे थे. कार्यक्रम में केंद्रीय सड़क परिवहन मंत्री नितीन गडकरी, जलापूर्ति एवं स्वच्छता मंत्री बबनराव लोणीकर, सांसद रामदास तडस, विधायक पंकज भोयर, जिलाधिकारी शैलेश नवाल,मुख्य कार्यकारी अधिकारी अजय गुल्हाणे, दत्ता मेघे, सावंगी मेघे ग्रामपंचायत सरपंच सरिता दौड आदि उपस्थित थे.

देश की स्वतंत्रता के बाद पहली बार राज्य में 60 लाख नए शौचालयों का निर्माण हुआ है, ऐसा बताकर मुख्यमंत्री ने कहा, खुले में शौच मुक्त महाराष्ट्र और शुद्ध जलापूर्ति के लिए सरकार को सफलता मिली है. इन दोनों सुविधाओं के लिए राज्य देश में अवल है. इसके लिए उन्होंने मंत्री बबनराव लोणीकर का अभिनंदन कर सराहना की.

विधायक पंकज भोयर के प्रयासों से आदिवासी प्रकल्प कार्यालय वर्धा जिले में शुरू करने के लिए सरकार ने अनुमति प्रदान की है. आगे से आदिवासी बांधवों का नागपुर जाने का कष्ट कम होगा, ऐसा श्री फडणवीस ने कहा. जिले के किसानों को आर्थिक मदद करने के लिए वर्धा जिला सहकारी बैंक को राज्य सहकारी बैंक में विलीनीकरण करने का निर्णय सरकारने लिया है. जल्द ही बैंक की व्यवस्था सुचारु होकर आम जनता की हक की बैंक सेवा में दाखिल होगी, ऐसा श्री फडणवीस ने इस समय बताया.

जलापूर्ति एवं स्वच्छता मंत्री बबनराव लोणीकर ने इस समय कहा कि, जलापूर्ति विभाग दुर्लक्षित था. 14 – 15 हजार जलापूर्ति योजनाएं अपूर्ण अवस्था में थीं. इसके लिए नितीन गडकरी के माध्यम से केंद्र सरकार की फ़ॉलोअप किया गया और 5 हजार करोड़ रुपयों का निधि मिला. इससे 5 हजार 600 गांवों की योजनाएं पूर्ण हुई हैं. शेष गांवों के लिए मुख्यमंत्री ग्रामीण पेयजल योजना शुरू कर मुख्यमंत्री द्वारा 2 हजार करोड़ रुपये उपलब्ध करवाएँ गए हैं. महाराष्ट्र खुले में शौच मुक्त होने के कारण केंद्र सरकार द्वारा 8 हजार करोड़ के प्रारूप को अनुमति दी हैं. साथ ही विश्व बैंक का 1300 करोड़ रुपयों का कर्ज लेकर सम्पूर्ण राज्य में पीने का शुद्ध पानी देने के लिए योजनाएं शुरू की हैं, ऐसा श्री. लोणीकर ने इस समय बताया.

विधायक पंकज भोयर ने प्रस्ताविक किया. इस समय डिजिटल इंडिया अंतर्गत 80 स्थानों पर लोकार्पण किया गया. कार्यक्रम का संचालन ज्योती भगत ने किया.