नाबार्ड का “पानी का कुशल उपयोग-2018” पर जिला स्तरीय अभियान

नागपुर : नाबार्ड द्वारा महाराष्ट्र में वर्ष ‘2018 के दौरान पानी के कुशल उपयोग’ पर जिला स्तरीय अभियान चलाया जा रहा है। नागपुर में, इस अभियान का उद्घाटन केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी द्वारा शुक्रवार को (31 अगस्त) को सुबह 10.00 बजे श्री दत्ता मेघे ऑडिटोरियम हॉल, वानाडोंगरी, में किया जा रहा है। इस कार्यक्रम में माननीय श्री चंद्रशेखर बावनकुले, पालक मंत्री, नागपुर, श्री समीर मेघे, विधायक और श्री यूडी शिरसालकर, मुख्य महाप्रबंधक, नाबार्ड, महाराष्ट्र क्षेत्रीय कार्यालय, पुणे उपस्थित होंगे। इस अवसर पर, एक अभियान वाहन को झंडी दिखाई जाएगी, जो नागपुर जिले के गांवों में कृषि में पानी के कुशल उपयोग पर संदेशों को फैलाने के लिए गांव-गांव घूमेगी।

इस तथ्य को ध्यान में रखते हुए कि कृषि क्षेत्र राज्य के लिए उपलब्ध ताजे पानी के 80 प्रतिशत से अधिक का उपयोग करता है और सिंचाई के तहत का क्षेत्र केवल 18 प्रतिशत है। इसलिए, नाबार्ड ने इस विषय को अभियान के लिए चुना है।

इस अभियान के तहत, नाबार्ड राज्य के 10 जिलों में लगभग 5000 गांवों तक पहुंचने की योजना बना रहा है, जिसमें तीन महत्वाकांक्षी जिलों (योजना आयोग द्वारा पहचाने गए) शामिल है, जहां मुख्य फसलें गन्ना और कपास हैं। अभियान में गन्ना और अन्य फसलों में ड्रिप/स्प्रिंकलर सिंचाई पर जोर दिया जाएगा। अभियान का उद्देश्य राज्य सरकार के प्रयासों को पूरक बनाना है, जिसका उद्देश्य विशेष रूप से गन्ना फसलों के लिए मिशन मोड में सूक्ष्म सिंचाई को बढ़ावा देना है।

यह अभियान कृषि और सहकारी विभाग, महाराष्ट्र सरकार; चीनी उद्योग; स्वैच्छिक संगठनों और सूक्ष्म सिंचाई कंपनियों जैसे नेटाफिम और जैन इरिगेशन के सहयोग से चलाया जा रहा है।

पिछले वर्ष मानसून के पहले, नाबार्ड ने मिशन मोड पर जल साक्षरता अभियान शुरू किया था, जिसमें महाराष्ट्र के 16 जिलों के लगभग 7000 गांव शामिल थे। अभियान ने वर्षा जल संचयन, भूजलरिचार्ज और जल प्रबंधन में समुदाय की भागीदारी पर जोर दिया गया।