राज्य में नदी जोड परियोजना मिशन मोड पर पूरा करें-मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस

CM Fadnavis

मुंबई : राज्य के नदी जोड प्रकल्प के माध्यम से मराठवाड़ा के सूखे के परिस्थिति पर हमेशा के लिए हल निकालने के लिए और जिस क्षेत्र में सूखे की परिस्थिति निर्माण हुई है ऐसे क्षेत्र में आनेवाले पांच सालों में यह प्रकल्प मिशन मोड में समय के साथ पूरा करें, यह मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस इन्होंने आज यहां बताया।

वर्षा निवास पर दमणगंगा-पिंजाळ एवं नार-पार-दमणगंगा नदीजोड प्रकल्प के संदर्भ में आयोजित बैठक में मुख्यमंत्री बोल रहे थे। इस अवसर पर जलसंपदा मंत्री गिरीष महाजन, राज्यमंत्री विजय शिवतारे, नियोजन विभाग के अवर मुख्य सचिव देबाशीष चक्रवर्ती, मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव भूषण गगरानी, जलसंपदा विभाग के प्रधान सचिव आय. एस. चहल आदी उपस्थित थे।

मुख्यमंत्री श्री. फडणवीस इन्होंने कहा कि, आंतरराज्यीय दमणगंगा-पिंजाळ नदीजोड प्रकल्प तथा राज्या के अंतर्गत नार-पार-गिरना, पार-गोदावरी-दमणगंगा-वैतरणा-गोदावरी-दमणगंगा-एकदरे-गोदावरी यह नदीजोड प्रकल्प राष्ट्रीय प्रकल्प के तैर पर अमल करने के बजाय राज्य अंतर्गत प्रकल्प के तोर पर अमल करने के लिए लगनेवाला निधि उपलब्ध करके दिया जाएगा। इस माध्यम से जिस क्षेत्र में पानी संचय निर्माण हो जाएगा उस क्षेत्र में पानी वितरण का समतोल रखने का ख्याल रखें और मराठवाड़ा के सूखे क्षेत्र में पानी वितरण किस तरह से किया जाए इसका उचित नियोजन करें।

उपरोक्त नदीजोड प्रकल्प तीन महामंडल में विभाजित है। इस प्रकल्प के एकत्रिकरन के लिए और एकसूत्री अमल के लिए सीधे शासन के तहत स्वतंत्र मुख्य अभियंता कार्यालय (मुख्य अभियंता नदीजोड विशिष्ट प्रकल्प) स्थापित किया जाए। यह प्रकल्प पूरा करने के लिए अगर कुछ समस्याएं हैं तो उसे समन्वय के माध्यम से उचित स्तर पर सुलझाकर जनकल्याणकारी प्रकल्प के तौर पर समय के अवधि में पूरा करें। इस वजह से मराठवाड़ा और जिस क्षेत्र में सूखे की स्थिति है उस क्षेत्र में पनी का संचय निर्माण होगा, यह भी मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस इन्होंने इस अवसर पर बताया।