मुख्यमंत्री ने 6 दिनों में 27,449 जनप्रतिनिधि, अधिकारियों से किया संवाद

संवाद सेतू: एक दुजे का देकर साथ, करें अकाल से दो हाथ

cm fadnavis
  • · 6 दिन, 22 जिले, 139 तहसीलों के 27,449 जनप्रतिनिधि और अधिकारियो का सहभाग. मुख्यमंत्री द्वारा 884 सरपंचों से किया प्रत्यक्ष संवाद.
  • · वाटसएप पर शिकायतों के लिए 17 नंबर उपलब्ध, वॉटसएप से 13 मई 2019 तक 4,451 शिकायतें मिली. अकाल से संबंधित 2359 शिकायते

मुंबई : तकनीकी का प्रभावी उपयोग करनेपर गतिमान प्रशासन के माध्यम से नागरिकों की समस्याएं छुड़ाने के लिए मदद हो सकती है. इसका अच्छा उदाहरण मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस के ‘संवादसेतू’ उपक्रम से दिखाई दिया है. महाराष्ट्र में अकाल की स्थिति गंभीर है. ऐसे में पिछले 6 दिनों में लगभग 27 हजार 449 जनप्रतिनिधि -अधिकारियों से सीधे संवाद कर दिक्कते जान ली. इसपर प्रशासन को कार्यवाही के निर्देश देते हुए शिकायतो का निवारण करने की व्यवस्था भी निर्माण की.

विगत 6 दिनों में ऑडियो ब्रिज के माध्यम से राज्य में 22 जिलों के 139 तहसीलों तक मुख्यमंत्री पहुंच सके. इन 22 जिलों में औरंगाबाद, नांदेड, जालना, उस्मानाबाद, बीड, परभणी, अहमदनगर, नाशिक, धुलिया, जलगाव, बुलडाणा, सातारा, पुणे, सांगली, सोलापूर, चंद्रपूर,अमरावती, यवतमा, हिंगोली, वर्धा, नागपुर, वाशीम जिलों का समावेश हैं. प्रत्येक जिले के लिए स्वतंत्र रूप से यह संवाद सेतू उपक्रम आयोजित किया गया. ऑडियो ब्रिज आधुनिक तकनीकी से एक ही बार में संपूर्ण जिले से संबंधित यंत्रणा से संवाद करना संभव हो रहा है. इससे कम से कम कालावधि में इतने व्यापक पैमाने पर संपर्क कर शीघ्र गति से अकाल निवारण के कामों का जायजा लेना संभव हुआ है.

इस उपक्रम में मुख्यमंत्री जब प्रत्यक्ष सरपंचों के साथ संवाद कर रहे थे, तब मुख्यमंत्री के साथ राज्य के मुख्य सचिव, अकाल उपाययोजनाओं के साथ संबंधित खातो के प्रधान सचिव आदि अधिकारी बैठक में उपस्थित थे. जिलाधिकारी, जिला परिषद के मुख्य कार्यकारी अधिकारी, उपविभागीय अधिकारी, गटविकास अधिकारी, तहसीलदार, ग्रामसेवक आदि अधिकारी ऑडियो ब्रिजपर उपलब्ध थे. कई पालक सचिव भी इन जायजा बैठकों में संबंधित जिलों से सहभागी हुए. इससे संबंधित सरपंचों द्वारा रखी शिकायतें एक ही समय में मुख्यमंत्री, मुख्य सचिव, पालक सचिव और स्थानिय प्रशासन के अधिकारियों के समक्ष रखी जाती थीं. इन शिकायतों पर मुख्यमंत्री ने तत्काल दिए निर्देश भी प्रत्यक्ष सरपंचों तक भी पहुंचते थे.

इस उपक्रम से 884 सरपंचों ने सीधे मुख्यमंत्री के साथ संवाद किया और उन्होंने अपनी समस्याएं मुक्त रूप से रखी. जिन्हें इन संवाद में सहभागी होने का मौका नहीं मिला, उनके लिए विभिन्न वॉट्सएप नंबर उपलब्ध करवाए हैं. इन 22 जिलों में कुल 17 वाट्सएप क्रमांक उपलब्ध करवाए गए हैं. इन वाट्सएप के माध्यम से 13 मई 2019 तक कुल 4 हजार 451 शिकायतें प्राप्त हुई. इसमें से प्रत्यक्ष अकाल से संबंधित 2 हजार 359 तक्रारी शिकायतें प्राप्त हुई.

प्रत्येक शिकायतों का निवारण करने के लिए एक विशेष कार्यपद्धति तैयार की गई. प्रत्येक जिले के लिए एक स्वतंत्र एक्सल शीट तैयार किया गया था. इसमें प्राप्त हुई शिकायत, मुख्यमंत्री द्वारा दिए निर्देश, स्थानिय प्रशासन द्वारा की गई कार्यवाही एकत्रित रूप में संकलित की गई थी. इससे प्रत्येक जिले में उपाययोजनाओं के संदर्भ में सीधे मुख्यमंत्री कार्यालय में प्रत्येक शिकायतों के निवारण के लिए फॉलोअप की यंत्रणा निर्माण की गई. इसके साथ ही जो सवाल नीतिगत मुद्दों से संबंधित हैं, उनपर निर्णय लेने की प्रक्रिया शुरू की गई है. इससे सही मायने में ‘एक दूजे का देकर साथ- अकाल करें दो हाथ’ यह उद्देश सफल करने का प्रयास राज्य सरकार की ओर से किया जा रहा है.