चंद्रशेखर राव बना रहे है तीसरा मोर्चा; आज ममता से मिलेंगे

Rao-Naveen-Mamta

नई दिल्ली :- तेलंगाना के मुख्यमंत्री के. चंद्रशेखर राव इन दिनों भाजपा और कांग्रेस के विकल्प के तौर पर तीसरा मोर्चा बनाने में जुटे हैं। इस सिलिसिले में राव आज पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी भेंट करनेवाले है। इस संदर्भ में राव ने कल ओडिशा के मुख्यमंत्री नवीन पटनायक से मुलाकात की।

कुछ माह पूर्व भी भाजपा और काँग्रेस को छोड़कर ऐसा तीसरा मोर्चा बनाने की पहल हुई थी। फिर भाजपा को सीधी टक्कर देने के लिए भाजपा के विरुद्ध सब, ऐसा महागठबंधन बनाने की कवायत चली। उसमें समाजवादी पार्टी और बसपा ने काँग्रेस ठेंगा दिखाया तो महागठबंधन भी गड़बड़ाया। इस बीच चंद्रशेखर राव फिर तीसरा मोर्चा बनाने में जुट गए है। हाल ही में हुए विधानसभा के चुनाव में राव के टीआरएस को मिली जबरदस्त सफलता के बाद तो उनका उत्साह बढ़ गया है। लगता है की पश्चिम बंगाल, ओडिशा और तेलंगना तथा अन्य छोटे क्षेत्रीय दल मिलकर तीसरा मोर्चा बने, ऐसा उनका प्रयास है।

राव ने कहा, ‘हमारा मानना है कि देश में भाजपा व कांग्रेस के खिलाफ एक विकल्प होना चाहिए। ऐसे में देश में क्षेत्रीय दलों को एकजुट करने की जरूरत है। देश को परिवर्तन की आवश्यकता है, जिसके लिए संवाद शुरू हो गया है। हालांकि अभी तक इस मसले पर कुछ ठोस परिणाम सामने नहीं आए हैं, ऐसे में हमें और अधिक नेताओं के साथ बात करने की जरूरत है।’

पश्चिम बंगाल, ओडिशा और तेलंगना इन तीनों राज्यों में लोकसभा की कुल ८० सीटें हैं, २०१४ के चुनाव में भाजपा को इनमें से केवल ४ मिली थीं। २०१९ के लिए भाजपा ने इन राज्यों पर विशेष ध्यान दिया है।

पश्चिम बंगाल में लोकसभा की कुल ४२ सीटे हैं, २०१४ में इनमें से ३४ तृणमूल कांग्रेस, २ भाजपा, २ सीपीएम और ४ कांग्रेस को मिली थी। ओडि़शा में कुल २१ सीटें है, २०१४ में २० नवीन पटनायक के बीजू जनता दल ने जीटी तो भाजपा को मात्र एक ही सीट पर जीत मिल पाई थी। इसी तरह तेलंगाना की १७ में से १२ केसीआर की तेलंगाना राष्ट्र समिति ने हासिल की थी और भाजपा को यहां एक ही सीट पर जीत हासिल हुई थी।

या स्थिति देखते हुए कोई साथ नहीं आया तो भी राव, ममता बॅनर्जी और नवीन पटनायक एकजूट रह सकते है।