भ्रष्टाचार की जननी है कैश प्रणाली – मुख्यमंत्री

नोटबंदी पर विधान सभा में CM का जवाब

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नागपुर : देश में फैले भ्रस्टाचार की जननी कैश प्रणाली है, जिसके कारण अब अवसर आ गया है कि इससे मुक्ति पाई जाय और कैशलेस प्रणाली अपनाई जाय. यह बात आज यहां राज्य के मुख्यमंत्री देवेंद्र फड़णवीस ने कही. वे विधानसभा में नोटबंदी पर चर्चा के बाद विपक्ष द्वारा उठाए गए मुद्दों पर जवाब दे रहे थे.

बुधवार को सदन में सवाल-जवाब के बाद नोटबंदी विषय पर चर्चा में पक्ष-विपक्ष के सदस्यों के सवालों के बाद मुख्यमंत्री जवाब दे रहे थे.

मुख्यमंत्री ने कहा, नगद के व्यवहार में अब तक हमारा देश विश्व में दूसरे स्थान पर है, जो करीब 87 प्रतिशत है. जबकि बैंक से व्यवहार केवल13 प्रतिशत होता है. इतनी अधिक मात्रा में नगद व्यवहार से भारी गड़बड़ियां भी सामने आती रही हैं. इससे जाली मुद्रा का चलन भी बढ़ रहा है. यह हमारी अर्थव्यवस्था के लिए घातक हो गया है. यही कारण है कि अब कैशलेस प्रणाली को अपनाना जरूरी हो गया है.

उन्होंने कहा कि देश की अर्थव्यवस्था में करीब 30 प्रतिशत जाली नोट चालन में थी, जिसमें 500 के नोट 76 फीसदी जाली थे, जबकि 1000 के नोट 105 प्रतिशत जाली थे. इसी कारणवश नोटबंदी का निर्णय लिया गया है. यह देश की अर्थव्यवस्था के सुदृढ़ीकरण का दृष्टि से जरूरी कदम है.

मुख्यमंत्री ने कहा कि मोदी जी पर आरोप लगाया जा रहा है कि नोटबंदी का निर्णय सोच-समझ कर नहीं लिया गया. लेकिन इसका वास्तविकता यह है कि इसका नियोजन उन्होंने 2 वर्ष पहले ही बैंकों में सामान्य गरीब लोगों के जनधन खाते खोलवाकर कर दिया था.

मुख्यमंत्री वे बताया कि देशभर में अबतक 23 करोड़ जनधन खाते खोले जा चुके हैं, जिसमें नोटबंदी के निर्णय के बाद 72 हजार करोड़ रुपए जमा हुआ है.

मुख्यमंत्री ने कहा कि जनधन खातों में जो 72 हजार करोड़ जमा हुए हैं, ये पैसे जनधन खाता धारकों को ही दिए जाएंगे.

विपक्ष के सवाल पर मुख्यमंत्री ने कहा कि १९२३ में महामानव डॉ. आंबेडकर ने भी कहा था कि अगर देश की अर्थव्यवस्था को बेहतर रखना है और भ्रस्टाचार को समाप्त करना है तो हर दस साल में करेंसी बदलनी पड़ेगी.

विधानसभा में अपने जवाब में मुख्यमंत्री ने नोटबंदी के प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के फैसले का पूर्ण समर्थन करने के लिए राज्यभर की और देश की जनता को धन्यवाद दिया.