राज्य के प्रत्येक जिले में मिलेगा दस रूपए में शिवभोजन

मंत्रिमंडल ने दी मान्यता

Cabinet approval for the Shivbhojan scheme

राज्य के गरीब एवं जरूरतमंद लोगों को सिर्फ 10 रुपए में ‘शिवभोजन’ उपलब्ध कराने के लिए मंत्रिमंडल ने सह्याद्री अतिथिगृह में हुई बैठक में मान्यता दी है। राज्य सरकार की यह योजना प्रायोगिक रूप से शुरू करने के लिए तीन महीने में 6 करोड़ 48 लाख खर्च अपेक्षित है।

योजना के प्रथम चरण में प्रायोगिक रूप से राज्य के प्रत्येक जिले में मुख्यालय में कम से कम एक भोजनालय और प्रत्येक भोजनालय में अधिक से अधिक 500 थाली शुरू करने के लिए सरकार की ओर से मान्यता दी गई है। इस योजना को जो प्रतिसाद में मिलेगा उस आधार पर यह योजना राज्य के अन्य क्षेत्रों में चलाई जाएगी।

सरकार की ओर से शुरू किए गए भोजनालय में प्रत्येकी 30 ग्रॅम की दो रोटी, 100 ग्रॅम एक कटोरी (वाटी) सब्जी, 150 ग्रॅम की एक मूद भात और 100 ग्रॅम की एक कटोरी दाल से भरी शिवभोजन की थाली सिर्फ 10 रूपए में दी जाएगी। यह भोजनालय दोपहर 12 से2 बजे तक शुरू रहेगा।

अनुदान मिलेगा

‘शिवभोजन’ थाली की कीमत शहरी क्षेत्र में प्रतिथाली 50 रुपए और ग्रामीण क्षेत्र में 35 रुपए रहेगी। प्रत्येक ग्राहक से प्राप्त 10 रुपए के व्यतिरिक्त शेष रकम अनुदान के रूप में इस विभाग की ओर से सीधे जिलाधिकारियों को देते हुए उनके जरिए संबंधितों वितरित की जाएगी। शहरी क्षेत्र के लिए प्रतिथाली 40 रुपए और ग्रामीण क्षेत्र के लिए प्रतिथाली 25 रुपए अनुदान रहेगा।

कौन शुरू कर सकता है भोजनालय

शिव भोजनालय शुरू करने के लिए इच्छुक व्यक्ति की ओर खुद की पर्याप्त जगह होना जरूरी है। योजना चलाने के लिए वर्तमान में शुरू होटल (खानावळ), महिला बचतगट, भोजनालय, रेस्टॉरंट, गैरसरकारी संस्था इनमें से सक्षम ऐसे भोजनालय का चयन किया जाएगा। इसके लिए महापालिका स्तर पर जिलाधिकारी की अध्यक्षता में और तहसील स्तर पर तहसिलदार की अध्यक्षता में समिति स्थापित की जाएगी। गरीब तथा मजदुर लोगों की भीड़ जहां पर अधिक रहेगी वहाँ जैसे जिला अस्पताल, बस स्थानक, रेलवे स्थानक परिसर, मार्केट (बाजारपेठा), सरकारी कार्यालय जैसे जगहों पर थाली की बिक्री की जाएगी।

स्वयंसेवी संस्थाएं भी होगी शामिल

योजना पर संनियंत्रण, पर्यवेक्षण रखने के लिए राज्य स्तर पर मुख्य सचिव की अध्यक्षता में उच्चाधिकार समिति रहेगी। यह समिति सभी पर्यायों पर विचार कर इस योजना का अगला चरण तय करने के लिए कार्यवाही करेगी। साथ ही सेंट्रल किचन, नामवंत स्वयंसेवी संस्था, सार्वजनिक न्यास एवं सीएसआर और वीएसटीएफ आदि को शामिल करने को लेकर निर्णय लिया जाएगा और सरकार की सहभागिता के बारे में तय करेगा। इसके अलावा यह योजना शाश्वत और अधिक दिनों तक चल सकने के लिए यह समिति क्रॉस सबसिडी एवं सार्वजनिक- निजी भागीदारी के तत्वों का भी उपयोग करने पर ज़ोर देगी।