गोहत्या पर प्रतिबन्ध किसी धर्म के खिलाफ नहीं – भैयाजी जोशी

पुणे : गोरक्षा के लिए गोहत्या पर प्रतिबन्ध लगाना यह किस धार्मिक समुदाय के खिलाफ नहीं है। बल्कि कुछ राज नेता इसे जानबूझकर धर्मिक रूप दे रहे है। गोरक्षा को लेकर राजनीति करना काफी दुर्भाग्यपूर्ण है। शनिवार को पुणे के एसपी कॉलेज में आयोजित आरएसएस प्रशिक्षण कैंप के समापन में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के सर कार्यवाह सुरेश भैयाजी जोशी ने यह वक्तव्य किया है। इस कैंप में महाराष्ट्र, गोवा और गुजरात से 719 स्वयंसेवकों ने भाग लिया था।

आरएसएस के प्रथम और द्वितीय वर्ष शिक्षा वर्ग का समापन भैयाजी जोशी की मौजूदगी में शनिवार को पुणे में हुआ। उन्होंने कहा कि, गोरक्षण को लेकर जो राजनीति की जा रही है वह काफी दुर्भाग्यपूर्ण है। गाय सिर्फ आस्था का विषय नहीं है, वह प्राचीन परंपरा से भारत के कृषि और आर्थिक विकास का साधन भी है। लेकिन यह बात कोई ध्यान में नहीं लेता और इसी मुद्दे को लेकर राजनीति की जाती है।

हिंदुओं का संगठन RSS का कार्यक्षेत्र
– भैयाजी ने बताया कि, हिंदुओं का संगठन करना ही राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ का कार्यक्षेत्र है।
-उन्होंने यह भी कहा कि, हिंदू समाज में कई दोष है, लेकिन हर किसी न किसी महापुरुष ने यह दोष दूर करने का प्रयास किया है।
-आज भी हिंदुओं कुछ दोष हैं उसे दूर करने का काम आरएसएस पिछले 90 सालों से करता आ रहा है।
-आरएसएस ने देश को नया विचार नहीं दिया है बल्कि प्राचीन परंपरा से चिंतन कर संघ ने अपने विचार बनाए हैं।
– जब हमारा देश प्राचीन परंपरा से दूर गया, तब हिंदुओं का संगठन कमजोर हुआ था और इससे देश की हानि हुई।
-जब हिंदुओं का संगठन शक्तिशाली था, तब भारत भी सशक्त देश था।