क्रांतिकारी खाज्याजी नाईक स्मृतिकेंद्र के प्रारूप को मंजूरी- देवेंद्र फडणवीस

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जळगाव : धरणगांव में निर्माण किए जानेवाले क्रांतिकारी खाज्याजी नाईक स्मृतिकेंद्र के लिए तैयार किए गए 15 करोड़ के प्रारूप को मंजूरी प्रदान की गई है. इस केंद्र के माध्यम से सरकार के विभिन्न योजनाओं की जानकारी आदिवासी बांधवों तक पहुंचाएं. सुशिक्षित और सक्षम युवा पीढ़ी के निर्माण के लिए क्रांतिकारी और प्रेरणादायी विचार समाज तक पहुंचाएं जाए, ऐसा प्रतिपादन राज्य के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने किया.

धरणगांव क्रांतिकारी खाज्याजी नाईक स्मृति संस्था के मार्फत आयोजित जनजाति सम्मेलन में वे बोल रहे थे. इस समय सहकार राज्यमंत्री गुलाबराव पाटिल, राष्ट्रीय स्वयंसेवक सह कार्यवाहक भैयाजी जोशी, श्री. नायराण स्वामी, संस्था के अध्यक्ष श्री. भाईदास सोनवणे आदि उपस्थित थे.

श्री. फडणवीस ने कहा कि, क्रांतिकारी खाज्याजी नाईक ने अंग्रेजों का अफू का व्यापार उध्वस्त कर उन्हें परेशान किया था. इस व्यापार से निर्माण हुई अंग्रेजों की संपत्ति भारतीयों पर अत्याचार करने के लिए उपयोग में न लाई जाए, ऐसा उनका प्रयास था. उनकी स्मृति में आदिवासी बांधवों के लिए लोकोपयोगी केंद्र निर्माण करना सबके लिए गौरव की बात है, ऐसा उन्होंने कहा.

जनजाति समाज का इतिहास गौरवशाली है. जल, जमीन और जंगल रक्षण का कार्य इस समाज ने किया है. समाज के कई विभूतियों ने उपयोगी उपयुक्त कार्य करते समय परतंत्रता में अंग्रेजों के खिलाफ लड़ाई की. बाबुराव शणलाके और भीमा नाईक जैसे क्रांतिकारियों का कार्य उल्लेखनीय हैं.

आदिवासी कल्याण के लिए सरकार विभिन्न कल्याणकारी योजनाएं चला रही हैं. वन पेटियों का बड़े पैमाने पर वितरण किया जा रहा हैं. 50 हजार आदिवासी विद्यार्थियों को अंग्रेजी नामांकीत शालाओं में पढ़ने का अवसर मिला हैं. पेसा अंतर्गत आनेवाले आदिवासी गावों को 5 फीसदी निधि देनेवाला महाराष्ट्र देश का पहला राज्य हैं. इस निधि से आदिवासी गांवों के विकास को गति मिलेगी. वनों पर आदिवासियों का हक हो, इसके लिए सरकार के प्रयास शुरू हैं, ऐसा श्री. फडणवीस ने कहा.

श्री. जोशी ने कहा, सभी भारतीय एक हैं. देश के स्वतंत्रता के लिए क्रांतिकारियों ने दिया बलिदान देश के लिए प्रेरणादायक है. समाज के वंचित घटकों के सर्वांगीण कल्याण के लिए प्रयास हो रहे हैं. इसके लिए सरकार के साथ सामाजिक संस्थाओं ने भी कर्तव्य भावना से आगे आना चाहिए. क्रांतिकारी खाज्याजी नाईक स्मृति केंद्र विकास के लिए प्रेरक साबित होगा, ऐसा विश्वास व्यक्त कर श्री. जोशी ने केंद्र के लिए तैयार किए गए प्रारूप को मंजूरी दिए जानेपर मुख्यमंत्री के प्रति धन्यवाद ज्ञापित किया.

इस अवसर पर श्री.नारायण स्वामी ने अपने विचार व्यक्त किए. कार्यक्रम में सांसद ए.टी. पाटील, विधायक स्मिता वाघ, चंदूलाल पटेल, शिरीष चौधरी, सुरेश भोले, उन्मेष पाटिल, रा. स्व. संघ के शरद ढोले, राजेश पाटिल, चैत्राम पवार आदि उपस्थित थे.

मुख्यमंत्री श्री.फडणवीस के हाथों क्रांतिकारी खाज्याजी नाईक स्मृतिकेंद्र का भूमिपूजन किया गया. मुख्यमंत्री खाज्याजी नाईक समधीस्थल का दर्शन लिया. इससे पहले श्री. फडणवीस का हेलिपॅड पर आगमन हुआ. सहकार राज्यमंत्री गुलाबराव पाटिल, विधायक श्रीमती वाघ, अपर जिलाधिकारी गोरक्षनाथ गाडीलकर ने उनका स्वागत किया.