ई कॉमर्स पोर्टलों की मनमानी के खिलाफ कैटद्वारा कल से 40 दिनों का देशव्यापी आंदोलन

E-commerce portal

नई दिल्ली :- कॉन्फ़ेडरेशन ऑफ़ आल इंडिया ट्रेडर्स (कैट) ने ई-कॉमर्स कंपनियों की मनमानी और एफडीआई पालिसी का खुलेआम उल्लंघन करने के खिलाफ देश भर में 20 नवंबर 31 दिसंबर तक का 40 दिवसीय तीव्र आंदोलन छेड़ने की आज घोषणा की है ! कैट के राष्ट्रीय अध्यक्ष श्री बी सी भरतिया एवं राष्ट्रीय महामंत्री श्री प्रवीन खंडेलवाल ने आज नई दिल्ली में आंदोलन की घोषणा करते हुए कहा की इस आंदोलन का उद्देश्य उन ई कॉमर्स कंपनियों को बेनकाब करना है जो सरकार की नीतियों की धज्जियाँ उड़ा रहे हैं और देश के रिटेल व्यापार पर प्रत्यक्ष अथवा अप्रत्यक्ष रूप से कब्ज़ा करने के मंसूबे पाले हुए हैं और ऐसे सभी मंसूबों को विफल करना है ! उन्होंने यह भी बताया की इस आंदोलन के द्वारा केंद्र सरकार से एक ई कॉमर्स पालिसी की तुरंत घोषणा करने, एक ई कॉमर्स रेगुलेटरी अथॉरिटी का गठन तथा एफडीआई पालिसी के प्रेस नोट 2 की खामियों को दूर कर एक नया प्रेस नोट जारी करना भी है !

देश के 7 करोड़ छोटे बड़े व्यापार से 40 करोड़ लोगों रोजगार मिलता है जिसको यू उपेक्षित नही किया जा सकता। उन्होंने कहा हम लगातार सरकार से एक ठोस ई कॉमर्स पालिसी की मांग कर रहे है। हम कई बार सरकार को पत्र भेजकर एफडीआई पालिसी 2017 और एफडीआई पालिसी 2018 के प्रेस नोट न. 2 के विदेशी कंपनियों द्वारा खुलेआम हो रहे उलंघन की तरफ ध्यान आकर्षित कर उन पर त्वरित कार्यवाई की मांग कर चुके है। मौजूदा एफडीआई पालिसी के उपनियम न केवल मल्टी ब्रांड रिटेल में किसी भी प्रकार की विदेशी कंपनी को निवेश की मंजूरी नही देते है, बल्कि किसी भी विदेशी कंपनी अथवा विदेशी स्वामित्व वाली ई कॉमर्स कंपनी को भारतीय ई कॉमर्स मंच पर विक्रेताओ की इनवेंटरी को नियंत्रित करने की इज्जाजत भी नही देतें है। हालांकि इस बात के साफ संकेत मिल रहे है कि कई बड़ी विदेशी ई कॉमर्स कंपनियां जैसे कि अमेज़न पैंट्री, क्लाउडटेल पैंट्री इत्यादि सीधे तौर ग्रोसरी रिटेल से जुड़ी “इन्वेंटरी आधारित ई कॉमर्स मॉडल” को न केवल नियंत्रित कर रही है बल्कि उनमे निवेश भी कर रही है। देश की एफडीआई पालिसी का खुलेआम हो रहा ये अनादर कैट को हरगिज़ मंजूर नही है और यही कारण है कि कैट ने केंद्रीय वाणिज्य मंत्री श्री पीयूष गोयल एवं अन्य लोगों से इस विषय मे उचित कदम उठाने का अनुरोध भी किया है।

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