राज्य के 90 प्रतिशत लोगों को आरोग्य कवच-फडणवीस

लातूर के वैद्यकीय महाविद्यालय को 100 करोड़ व सामान्य अस्पताल को एक महीने में देगें जमीन

CM -LATUR

लातूर : आयुष्यमान भारत योजना, महात्मा फुले जनआरोग्य योजना एवं मुख्यमंत्री सहायता निधी के अंतर्गत विभिन्न बीमारियों पर इलाज करने के लिए राज्य के 90 प्रतिशत लोगों को आरोग्य कवच प्राप्त हुआ है। लातूर के सरकारी वैद्यकीय महाविद्यालय को 100 करोड़ तीन वर्ष में हफ्ते – हफ्ते में मिलेगें तथा सामान्य अस्पताल को एक महीने में जमीन प्राप्त करके देगें, यह प्रतिपादन मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस इन्होंने आज यहां किया।

लातूर यहां आयोजित विनामूल्य अटल महाआरोग्य शिविर के उद्घाटन समारोह समय मुख्यमंत्री बोल रहे थे। इस वक़्त वैद्यकीय शिक्षा व जलसंपदामंत्री गिरीष महाजन, ग्रामविकास और महिला व बालकल्याणमंत्री पंकजा मुंडे, कामगार कल्याण, कौशल विकासमंत्री तथा पालकमंत्री संभाजी पाटील – निलंगेकर, सांसद डॉ. सुनील गायकवाड, विधायक कुलश्री. विनायकराव पाटील, सुधाकर भालेराव, सुरेश धस विभागीय आयुक्त डॉ. पुरुषोत्तम भापकर, मुख्यमंत्री के स्वीय सहायक अभिमन्यू पवार, जिला परिषद् अध्यक्ष मिलिंद लातूरे, मेयर सुरेश पवार, विशेष पुलिस महानिरीक्षक फत्तेसिंह पाटील, जिलाधिकारी जी. श्रीकांत, उस्मानाबाद के जिलाधिकारी राधाकृष्ण गमे, अशोक कुकडे, रमेश कराड, गणेश हाके, मनपा आयुक्त कौस्तुभ दिवेकर, मुख्य कार्यकारी अधिकारी डॉ. विपीन इटनकर, ससून अस्पताल के अधिष्ठाता डॉ. अजय चंदनवाले, लातूर वैद्यकीय महाविद्यालय के अधिष्ठाता डॉ. राजाराम पोवार आदि मान्यवर उपस्थित थे।

cm-latur

मुख्यमंत्री श्री.फडणवीस ने कहा कि, आयुष्मान भारत यह योजना विश्व की सबसे बड़ी योजना है जिसके अंतर्गत 50 करोड़ लोगों को आरोग्य कवच प्राप्त हुआ है। हर एक बीमार मरिज को पांच लाख रुपयों तक इलाज मुफ्त में मिलने वाले हैं, तथा राज्य में महात्मा फुले जनआरोग्य एवं मुख्यमंत्री सहाय्यता निधी इन आरोग्य योजनाओं के माध्यम से 90 प्रतिशत लोगों को स्वास्थ्य संबंधी विभिन्न इलाज मुफ्त में मिलते हैं, यह भी उन्होंने बताया। साधारण लोगों को स्वास्थ्य के इलाज पर खर्च करना कठिन है, इस कारण कई लोग इलाज नहीं कर सकते। इलाज के लिए खर्च हुए पैसों के कारण कई परिवार उध्वस्त हो रहे हैं। इसलिए सभी साधारण लोगों को विभिन्न आरोग्य योजनाओं के माध्यम से उन्हें मुफ्त में इलाज तथा सुविधाएं देकर उनका जीवन स्वास्थ्यमय बनाने के लिए सरकार कटिबद्ध है और प्रयास कर रही है, यह भी श्री फडणवीस ने कहा।

सरकार की स्वास्थ्य योजनाओं के कारण देहाती क्षेत्रों में बडे बडे आद्ययावत अस्पताल की सेवाएं शुरू होने में मदद मिलेगी। इस के कारण देहाती लोगों को ग्रामस्तर पर ही अद्ययावत स्वास्थ्य सेवाएं मिलने से साधारण लोग भी संतुष्ट रहेगें। इसके माध्यम से राज्य के शहरों तथा देहाती क्षेत्रों में स्वास्थ्य सेवाओं का बड़ा जाल तैयार होगा, यह भी फडणवीस ने कहा।

स्वर्गीय प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी इनके नाम से यह अटल महाआरोग्य शिविर का आयोजन किया गया है। उनका साधारण लोगों के प्रति रहा लगाव तथा प्रेम देखकर ही यह नाम इस शिविर को दिया गया है जो बहुत ही उचित एवं सार्थ है, यह कहकर श्री फडणवीस ने कहा कि, इस शिविर के माध्यम से एक भी जरूरतमंद बीमार मरीज स्वास्थ्य सेवाओं से वंचित न रहे। साथ ही अन्न, वस्त्र और घर इन जरूरतों के साथ साथ शिक्षा एवं स्वास्थ्य यह भी मूलभूत जरूरतें हुई हैं जो लोगों तक पहुंचाने के लिए सराकर प्रयास कर रही हैं, यह भी कहा।

लातूर के सरकारी वैद्यकीय महाविद्यालय में विभिन्न स्वास्थ्य सुविधाएं नये सिरे से प्राप्त करने के लिए, कुछ सुविधाओं का दर्जा बडाने के लिए 100 करोड़ रुपयों का निधी तीन वर्ष के अंदर दिया जाएगा। पहला हफ्ता मार्च, 2019 से पहले देकर सामान्य अस्पताल के जगह का प्रश्न एक महीने के अंदर मिटाकर लातूर जिले के लोगों को आच्छी स्वास्थ्य सुविधाएं प्राप्त होगी, यह भी श्री. फडणवीस ने कहा।

राज्य में 77 प्रतिशत बारिश हुई है और मराठवाड़ा में तो उससे भी कम बारिश होने के कारण अकालजन्य परिस्थिति निर्माण हुई है। इस परिस्थिति में सरकार पूरी तरह से किसानों के साथ है यह कहकर पीने के पानी की समस्या भी सुलझाई जाएगी यह भी श्री. फडणवीस ने कहा।

सरकार ने साडेतीन साल में किसानों को 22 हजार करोड़ रुपये की मदद की है और इस बीच साडे आठ हजार करोड़ रुपयों का आनाज भी खरेदी किया गया है। सरकार किसानों को मदद करके सुकून दिला रही है यह भी बताया। राज्य के 12 लाख बेघर लोगों में से 10 लाख बेघर लोगों को 2019 तक घरकुल दिये जानेवाले हैं। बाकी के दो लाख बेघर लोगों को नये सिरे से मंजूरी प्रदान करके उन्हें भी घरकुल दिया जाएगा और राज्य में जरूरी लोगों को घरों से वंचित नहीं रखा जाएगा इसकी खबरदारी ली जायेगी, यह भी फडणवीस ने कहा। सन 2011 के जनगणना के अनुसार 10 लाख बेघर लोगों को घरकुल प्राप्त करके देनेवाला महाराष्ट्र यह देश का सबसे पहला राज्य होगा, यह भी स्पष्ट किया। इस शिविर में आये सभी लोगों को उन्होंने स्वास्थ्य जीवन के लिए शुभकामनाएं दी।

पिछले चार साल से विभिन्न स्वास्थ्य शिविरों का आयोजन किया जा रहा है। मुख्यमंत्री के मार्गदर्शन में राज्य का एक भी जरूरतमंद मरिज आर्थिक परिस्थिति के कारण इलाज से वंचित न रहे इसकी खबरदारी ली जा रही है। इस अंतर्गत इलाज के खर्च की कोई भी मर्यादा नहीं है यह वैद्यकीय शिक्षामंत्री गिरीष महाजन ने बताया। इसके लिए समाज के दानशूर व्यक्ति, निजी कंपनी इनके माध्यम से इलाज के खर्च किये जाते हैं, यह भी स्पष्ट किया। सरकार पानी तथा रोजगार के प्रश्न को सुलझाने के लिए कटिबद्ध है यह भी कहा।

सरकारी आरोग्य की विभिन्न योजनाओं के कारण लोगों का जीवन स्वास्थ्यजन्य होनेवाला है। इस सरकार का शिक्षा, पोषण, एवं स्वास्थ्य यह मुख्य मिशन है इसकी जानकारी ग्रामविकासमंत्री पंकजा मुंडे ने देकर इस माध्यम से समाज पूरी तरह से विकसित होगा, यह भी उन्होंने स्पष्ट किया। इस शिविर के माध्यम से लातूर जिले के सभी जरूरतमंद मरीजों को स्वास्थ्य सेवाएं मिल रही है, यह शिविर स्वास्थ्य का कुंभमेला है यह मत पालकमंत्री निलंगेकर इन्होंने व्यक्त किया। साथ ही जिले में जलयुक्त शीवार के माध्यम से पानी में इजाफा हुआ है यह भी उन्होंने कहा।

मुख्यमंत्री सहायता निधी के अंतर्गत लातूर जिला सबसे अधिक मदद मिलानेवाल जिला है यह श्री. पवार ने कहकर लातूर जिले को उजनी का पानी मिलना चाहिए और यहां के सामान्य अस्पताल का प्रश्न जल्द से सुलझाने की मांग की। इस समय ससून के अधिष्ठाता डॉ. अजय चंदनवाले ने भी विचारों को दोहराया।

शुरू में मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस तथा मान्यवरों के हाथों से दीपप्रज्वलन करके शिविर का उद्घाटन किया गया। इस दौरान मुख्यमंत्री के हाथों शिविर के सफलता हेतु परिश्रम लेनेवाले डॉक्टरों का, निरामय फाऊंडेशन के कार्यकर्ता अभिमन्यू पवार, अरविंद पाटील निलंगेकर, इनका पुष्पगुच्छ देकर सम्मानित किया गया। इस समय महात्मा फुले जनआरोग्य योजना और मुख्यमंत्री सहाय्यता निधी के लाभार्थी इनके बाईट पर अधारित चित्रफिल्म दिखाई गई।

इस शिविर आयोजन के उद्देश्य की जिलाधिकारी जी. श्रीकांत इन्होंने भूमिका रखी। कार्यक्रम का सूत्रसंचालन शिविर समन्वयक रामेश्वर नाईक इन्होंने करके आभार प्रदर्शित किए।