पेट्रोल ५-८%, डीजल ७-८% महंगा होने के आसार

नई दिल्ली : नोटबंदी से परेशान लोगों के लिए एक और बुरी खबर आ सकती है. क्रिसिल ने एक रिपोर्ट जारी कर कहा है कि अगले ३-४ महीनों में पेट्रोल की कीमत में पांच से आठ फीसदी और डीजल की कीमत में छह से आठ फीसदी की वृद्धि होगी. क्योंकि पिछले हफ्ते तेल उत्पादक देशों के संघ ओपेक ने कच्चे तेल के उत्पादन में रोजना १२ लाख बैरल (एमपीबीडी) की कटौती का फैसला किया है.

क्रिसिल के बयान में कहा गया है, “ओपेक के इस कदम के कारण कच्चे तेल की कीमतें मार्च २०१७ तक बढ़कर ५५-५६ डॉलर प्रति बैरल हो सकती हैं. और अगर यह बढ़कर ६० डॉलर प्रति बैरल तक हो जाती है (जैसा कि कुछ लोगों का मानना है), तो पेट्रोल की कीमत ८० रुपए और डीजल की कीमत ६८ रुपए हो सकती है. लेकिन ओपेक के इस समझौते की सफलता इसके पालन पर निर्भर करती है.”

बयान में कहा गया है, “जहां तक घरेलू मांग का सवाल है, नोटबंदी के कारण अर्थव्यवस्था की वृद्धि दर कम हुई है, जिसके कारण पेट्रोल-डीजल की खपत में कमी आई है, लेकिन एक बार जब बाजार में दुबारा पर्याप्त संख्या में नकदी आ जाएगी तो इसकी मांग जोर पकड़ेगी.”

रिपोर्ट में कहा गया है कि जैसे ही कच्चे तेल के दाम 50 डॉलर से ऊपर जाएंगे, वैसे ही अमेरिकी शेयर बाजार के निवेशकों के लिए तेल कंपनियों के शेयर फिर से व्यवहार्य हो जाएंगे.