रूबेला टीका लगाने के बाद 1 बच्चे की मौत, 3 गंभीर

Rubela

भंडारा :- रूबेला टीका लगाने के बाद भंडारा जिले में तबीयत खराब होने से मंगलवार को 1 और बच्चे की मौत हो गई। बालक को शासकीय मेडिकल अस्पताल में भर्ती किया गया था। इससे पहले 3 बालकों को भर्ती कराया जा चुका है। इसमें से एक बालिका ने 3 दिन पहले उपचार के दौरान दम तोड़ दिया था। भंडारा जिले में पिछले 3 दिन में 4 बालकों की तबीयत बिगड़ने से टीकाकरण में खामी की चर्चा है। इसमें से एक बालिका ने 3 दिन पहले उपचार के दौरान दम तोड़ दिया। उसकी पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद सच सामने आएगा। स्वास्थ्य विभाग की लापरवाही लाखनी तहसील के लाखोड़ी ग्राम निवासी रंजीत वाघाये की पुत्री आराध्या ने उपचार के दौरान शासकीय मेडिकल अस्पताल में 3 दिन पूर्व दम तोड़ दिया था। उसे भंडारा के जिला सामान्य अस्पताल से नागपुर रेफर किया गया था।

भंडारा जिले के लाखांदूर तहसील अंतर्गत कालेपेंढरी निवासी ईशांत गजघाटे (4) को शासकीय मेडिकल अस्पताल लाया गया। पहले उसे वार्ड क्रमांक 3 में भर्ती किया गया था। नाजुक हालात देख बाद में आईसीयू में भर्ती किया गया है। रूबेला टीकाकरण मुहिम संपूर्ण महाराष्ट्र में चलाई जा रही है। 9 महीने से 15 वर्ष तक की उम्र के सभी बच्चों को ये टीके लगाए जा रहे हैं। जिन बच्चों की प्रतिरोधक क्षमता कम रहती है, उन्हें टीका लगाने के बाद बुखार आने की आशंका बनी रहती है। ऐसे बच्चों का प्रमाण मुश्किल से 5 प्रतिशत है। वहीं 10 लाख बच्चों में एक की मृत्यु का प्रमाण है।

डॉक्टर ने जांच कर तुरंत जिला सामान्य अस्पताल भंडारा ले जाने की सलाह दी। भंडारा पहुंचने तक तबीयत और खराब हो गई। सांस लेने में तकलीफ होने लगी तो ऑक्सीजन लगाया गया। एक घंटे बाद नागपुर मेडिकल अस्पताल के लिए रेफर कर दिया। मेडिकल में दूसरे दिन उपचार के दौरान उसने दम तोड़ दिया। परिवार का आरोप है कि स्वास्थ्य विभाग की लापरवाही के चलते उनकी पुत्री की जान चली गई। आराध्या के पिता रंजीत वाघाये पेशे से पेंटर हैं। वे अधिकांश समय गोवा में रहते हैं। आराध्या उनकी इकलौती पुत्री थी।