२६ जनवरी को दिल्ली पर हवाई हमले की तैयारी में लश्कर

New Delhi

नई दिल्ली:गणतंत्र दिवस समारोह के दौरान चप्पे-चप्पे पर कड़ी निगाह रखने के लिए राजधानी दिल्ली में हजारों की संख्या में दिल्ली पुलिस और अर्द्धसैनिक बलों के जवानों को तैनात किया जा रहा है। खुफिया सूचनाओं को ध्यान में रखते हुए किसी भी हवाई हमले की आशंका को नाकाम बनाने के लिए खास तैयारी की गई है। खुफिया एजेंसियों ने अलर्ट किया है कि आतंकी 9/11 की तर्ज पर हवाई जहाज के जरिए दिल्ली में हमला कर सकते हैं। इसे देखते हुए ऐतिहासिक राजपथ पर सुरक्षा के खास इंतजाम किए गए हैं, जहां सशस्त्र सेना के सुप्रीम कमांडर राष्ट्रपति प्रणव मुखर्जी देश की सैन्य ताकत के प्रदर्शन को देखेंगे।

पूरे मध्य और नई दिल्ली क्षेत्र में दिल्ली पुलिस और केंद्रीय सुरक्षा बलों के करीब 50 हजार जवानों को तैनात किया गया है जो चप्पे-चप्पे पर नजर रखेंगे। हाल की खुफिया सूचना में लश्कर-ए-तैयबा जैसे आतंकी समूहों की ओर से हेलिकॉप्टर चार्टर सेवाओं और चार्टर उडानों का इस्तेमाल करके हवाई हमला करने की योजना की आशंका व्यक्त की गई है। इसके मद्देनजर दिल्ली पुलिस और सुरक्षा एजेंसियों ने सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए हैं। एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने कहा कि ऐसे किसी भी हमले को नाकाम करने या उड़ती संदिग्ध वस्तु का पता लगाने के लिए पुलिस ऐंटी-ड्रोन तकनीक इस्तेमाल कर रही है।

अधिकारी ने बताया कि इसके अलावा सभी ऊंची इमारतों पर सुरक्षा बलों को विमानरोधी तोपों के साथ तैनात किया गया है। सीसीटीवी कैमरा लगाने के साथ प्रत्येक गतिविधि पर नजर रखने के लिए कंट्रोल रूम बनाया गया है। सुरक्षा एजेंसियों को जारी अडवाइजरी में कहा गया है कि सुरक्षा बलों के लिए यह जरूरी है कि वे खतरों के दायरे को समझें और उससे निपटने के लिए उपयुक्त रास्ते अपनाएं। सुरक्षा बलों से कहा गया है कि पुलिस और अन्य सुरक्षा कर्मियों की भी ठीक से जांच की जाए क्योंकि ऐसी आशंका है कि आतंकवादी सुरक्षा बलों की वर्दी का इस्तेमाल कर सकते हैं।

अडवाइजरी के मुताबिक आतंकवादी फिदायीन हमला करने के लिए सुरक्षा बलों की वर्दी का इस्तेमाल कर सकते हैं और इसलिए सुरक्षाकर्मियों की पहचान और जांच की पर्याप्त व्यवस्था की जाए जो गणतंत्र दिवस समारोह के दौरान तैनात होंगे। सुरक्षा बलों को चेताया गया है कि कुछ इस्लामी चरमपंथी संगठन 9/11 हमले की तर्ज पर हवाईजहाजों का इस्तेमाल करके हमला करने की योजना बना रहे हैं। 26 जनवरी को सुबह 10 बजकर 35 मिनट से सवा बारह बजे के बीच इंदिरा गांधी अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे से न किसी कमर्शल फ्लाइट की इजाजत दी जाएगी और न ही कोई प्लेन इस दौरान उतर सकेगा।