विडियो : नागपुर के विकास के सन्दर्भ में बाबा रामदेव ने साझा किया अपना दृष्टिकोण

Baba Ramdev


नागपुर: योग गुरु बाबा रामदेव नागपुर स्थित औद्योगिक महासंकुल में अपने पतंजलि आयुर्वेद के लिए अधिगृहित 230 एकड़ भूमि पर महाफूड पार्क के माध्यम से क्षेत्र के 10,000 लोगों को प्रत्यक्ष रोजगार और विदर्भ के 50,000 किसानों को व्यवसाय के साथ जोड़ने संबंधी अपनी योजना की चर्चा पहले भी कर चुके हैं.

विदर्भ के कम उपजाऊ भूमि और कर्ज में डूबे किसानों के लिए कृषि क्रान्ति लाने के सम्बन्ध में उनका ख़ास दृष्टिकोण है. ‘महाराष्ट्र टुडे ‘ के मुख्य संपादक एस.एन. विनोद को दिए अपने साक्षात्कार में बाबा रामदेव ने विकास मॉडल संबंधी अपने विचार साझा किए. वे यहां कृषि क्षेत्र की प्रगति यहां शैक्षणिक विकास और सामाजिक विकास के साथ हासिल करना चाहते हैं.

विनोद के साथ अपनी लंबी बातचीत में बाबा ने नागपुर में दुग्ध उत्पाद (डेयरी) विकास और संतरा जूस प्लांट के साथ शैक्षणिक विकास की भी चर्चा की.

बाबा ने कहा कि वे आधुनिक शिक्षण को आध्यात्मिक शिक्षण के साथ जोड़ना चाहते हैं. उन्होंने कहा कि ‘मैं नागपुर को कृषि विकास के विश्व स्तर पर ले जाना चाहता हूं. आनंद द्वारा गुजरात में किये कार्य से कहीं महत्वपूर्ण सहकार क्रान्ति मैं यहां लाने के पक्ष में हूं.’

उन्होंने विज्ञान, तकनीक, प्रबंधकीय कौशल के सम्बन्ध में अपने विचार साझा करते हुए यह स्पष्ट किया कि पतंजलि आयुर्वेद कोई ब्रांड या सहकार घराना नहीं है, यह एक आध्यात्मिक संगठन है, जो सामाजिक परिवर्तन के लिए कार्य करता है.

बाबा राममदेव के साथ बातचीत की यह पहली कड़ी यहां प्रस्तुत किया गया.